झगड़ाखाण्ड के वार्ड क्रमांक 13 का एकमात्र तालाब बदहाली का शिकार, गंदगी और बदबू से वार्डवासी परेशान
एमसीबी/झगड़ाखाण्ड। नगर पंचायत झगड़ाखाण्ड के वार्ड क्रमांक 13 स्थित एकमात्र तालाब इन दिनों बदहाली का शिकार बना हुआ है। तालाब में जलकुंभी, प्लास्टिक कचरा और अन्य गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जिससे पानी दूषित हो गया है और आसपास बदबू फैल रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गर्मी के दिनों में पानी की समस्या के बीच यही तालाब उनकी जरूरतों का प्रमुख सहारा रहता है, लेकिन वर्तमान स्थिति में इसका उपयोग करना भी मुश्किल हो गया है।
वार्डवासियों ने बताया कि तालाब में नहाने जाने पर खुजली और त्वचा संबंधी बीमारियों का खतरा बना रहता है। दूषित पानी और गंदगी के कारण लोगों में स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ गई है। उनका कहना है कि नगर पंचायत द्वारा तालाब की नियमित सफाई और रखरखाव नहीं किए जाने से यह स्थिति उत्पन्न हुई है।
स्थानीय नागरिकों के अनुसार वार्ड में पहले दो तालाब थे, लेकिन एक तालाब का बांध फूट जाने से उसका पानी बह गया और वह लगभग खाली हो चुका है। ऐसे में पूरे वार्ड के लिए केवल यही एक तालाब बचा है, जिसकी हालत भी अत्यंत खराब है।
यह तालाब धार्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है। वार्डवासी छठ महापर्व जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजनों की पूजा-अर्चना भी इसी तालाब में करते हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सफाई और सौंदर्यीकरण नहीं कराया गया तो भविष्य में धार्मिक आयोजनों पर भी असर पड़ सकता है।
वार्ड के कई पार्षद ने भी नगर पंचायत की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि निर्वाचित हुए 14 माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी उन्हें पार्षद मानदेय प्राप्त नहीं हुआ है। पार्षद के अनुसार जब भी वे वार्ड की समस्याओं को लेकर नगर पंचायत के मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीएमओ) के पास जाते हैं तो उन्हें फंड की कमी का हवाला देकर टाल दिया जाता है।
वार्डवासियों ने जिला प्रशासन और नगर पंचायत से तालाब की तत्काल सफाई, जलकुंभी हटाने, नियमित रखरखाव तथा दूसरे तालाब के जीर्णोद्धार की मांग की है, ताकि लोगों को स्वच्छ जल उपलब्ध हो सके और संभावित बीमारियों से बचाव हो सके। जनहित से जुड़े इस मुद्दे को लेकर क्षेत्र में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
राजेश सिन्हा,8319654988

