एसएलआरएम सेंटरों की बदहाली पर उपाध्यक्ष धमेंद्र पटवा ने जताई नाराजगी
औचक निरीक्षण में खराब मशीनें, ई-रिक्शा और गुणवत्ताहीन निर्माण कार्यों पर उठे सवाल
मनेन्द्रगढ़। नगरपालिका परिषद मनेन्द्रगढ़ के उपाध्यक्ष धमेंद्र पटवा ने नगर के विभिन्न वार्डों में संचालित एसएलआरएम सेंटरों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सेंटरों की व्यवस्थाओं और रखरखाव में कई खामियां सामने आने की बात कही गई। सेंटरों में उचित रखरखाव के अभाव में लाखों रुपये की मशीनें एवं ई-रिक्शा खराब हालत में पाए गए।
निरीक्षण के दौरान एसएलआरएम सेंटरों में चल रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता का भी जायजा लिया गया। उपाध्यक्ष के अनुसार, कई कार्यों की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं मिली। सेंटरों में लगाए जा रहे कोटा स्टोन की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठे तथा निर्माण कार्यों में घटिया सामग्री के उपयोग की स्थिति सामने आने की बात कही गई।
गंदगी और दुर्गंध के बीच काम करती मिलीं स्वच्छता दीदियां
निरीक्षण के दौरान सेंटरों में साफ-सफाई की स्थिति भी देखी गई। सेंटरों में गंदगी और दुर्गंध पाए जाने पर उपाध्यक्ष धमेंद्र पटवा ने नाराजगी जताई। मौके पर मौजूद स्वच्छता दीदियों को साफ-सफाई और स्वच्छता व्यवस्था बेहतर बनाए रखने के आवश्यक निर्देश दिए गए। सेंटर प्रभारियों की मौजूदगी में मौके की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया गया।
स्वच्छता दीदियों को मिलेगा वाटर डिस्पेंसर
निरीक्षण के दौरान स्वच्छता दीदियों के लिए पेयजल की उचित व्यवस्था का मुद्दा भी सामने आया। उपाध्यक्ष धमेंद्र पटवा ने सेंटरों में उचित जल प्रबंधन कराने का आश्वासन दिया। इसके तहत वाटर डिस्पेंसर उपलब्ध कराने और प्रत्येक स्वच्छता दीदी को पीने के लिए गिलास वितरित करने की बात कही गई।
सरकारी संसाधनों के रखरखाव पर गंभीर सवाल
उपाध्यक्ष धमेंद्र पटवा ने कहा कि जनता के पैसों से संचालित एसएलआरएम सेंटरों में लाखों रुपये की मशीनरी और संसाधनों का उचित रखरखाव नहीं होना गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि संसाधनों की अनदेखी से सरकारी धन के उपयोग पर सवाल खड़े होते हैं और स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्यों पर भी इसका प्रतिकूल असर पड़ता है।
उन्होंने एसएलआरएम सेंटरों की स्थिति को लेकर नगर पालिका अध्यक्ष, मुख्य नगर पालिका अधिकारी एवं संबंधित इंजीनियरों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की आवश्यकता बताई।
उन्होंने मांग की कि सेंटरों में उपलब्ध सरकारी मशीनरी एवं संसाधनों का उचित रखरखाव सुनिश्चित किया जाए, निर्माण एवं विकास कार्यों की गुणवत्ता की जांच कराई जाए तथा यदि जांच में लापरवाही या अनियमितता प्रमाणित होती है तो जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

