मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में मंगलसूत्र विवाद पर महिला एवं बाल विकास विभाग का स्पष्टीकरण
एमसीबी। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत खड़गवां के चनवारीडांड में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में दिए गए मंगलसूत्र को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग ने आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर अपना पक्ष स्पष्ट किया है।
विभाग के अनुसार 10 फरवरी 2026 को आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम में कुल 184 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया था। इस दौरान शासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप वर-वधुओं को विभिन्न उपहार सामग्री प्रदान की गई थी। विभाग ने बताया कि योजना के तहत वधुओं को मंगलसूत्र, साड़ी, श्रृंगार सामग्री, चूड़ी, सिंदूर, चप्पल सहित अन्य आवश्यक सामग्री दी गई थी, जबकि वर पक्ष को कपड़े, जूते एवं अन्य सामग्री उपलब्ध कराई गई थी।
प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के लिए निर्धारित 50 हजार रुपये की सहायता राशि में विवाह आयोजन, परिवहन, भोजन, उपहार सामग्री तथा कन्या के बैंक खाते में सीधे जमा की जाने वाली राशि शामिल है। विभाग ने स्पष्ट किया कि शासन के वर्ष 2013 के आदेश के अनुसार मंगलसूत्र में चांदी का होना अनिवार्य नहीं है, इसलिए सोशल मीडिया में किए जा रहे कुछ दावे भ्रामक हैं।
हालांकि विभाग ने यह भी स्वीकार किया है कि कार्यक्रम में वितरित कुछ श्रृंगार सामग्री निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई थी। जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा जांच के बाद संबंधित आपूर्तिकर्ता फर्म के भुगतान से प्रति जोड़ा 1000 रुपये की कटौती की गई और यह राशि हितग्राहियों के बैंक खातों में जमा करा दी गई। इस प्रकार प्रत्येक हितग्राही के खाते में कुल 36 हजार रुपये जमा किए जाने की जानकारी दी गई है।
महिला एवं बाल विकास विभाग ने दावा किया है कि खड़गवां में आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप संपन्न कराया गया था तथा किसी प्रकार की अनियमितता नहीं बरती गई। विभाग ने सोशल मीडिया पर प्रसारित शिकायतों का संज्ञान लेते हुए तथ्यात्मक स्थिति सार्वजनिक की है।
मुख्य बिंदु:
10 फरवरी 2026 को खड़गवां में 184 जोड़ों का सामूहिक विवाह।
वायरल वीडियो में मंगलसूत्र की गुणवत्ता पर उठे थे सवाल।
विभाग ने कहा, चांदी का मंगलसूत्र देना अनिवार्य नहीं।
गुणवत्ता में कमी मिलने पर आपूर्तिकर्ता के भुगतान से प्रति जोड़ा 1000 रुपये की कटौती।
कटौती की राशि हितग्राहियों के खातों में जमा कराई गई।
विभाग ने कार्यक्रम में किसी अनियमितता से इनकार किया।
राजेश सिन्हा,8319654988
