श्रद्धा महिला मंच ने धूमधाम से मनाई पद्मश्री माता राजमोहिनी देवी की 112वीं जयंती, नशामुक्त समाज का लिया संकल्प
राजेश सिन्हा,8319654988
सिरौली (एमसीबी)। श्रद्धा महिला मंच ग्राम सिरौली एवं ग्राम पंचायत सिरौली के संयुक्त तत्वावधान में 7 जुलाई 2026 को गोंडवाना रत्न एवं पद्मश्री सम्मानित माता राजमोहिनी देवी की 112वीं जयंती श्रद्धा, उत्साह और गरिमामय वातावरण में मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ माता राजमोहिनी देवी के छायाचित्र पर दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण के साथ हुआ।
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित जनजाति गौरव समाज के संभागीय अध्यक्ष, सेवानिवृत्त प्रधान पाठक एवं समाजसेवी परमेश्वर सिंह मरकाम ने अपने संबोधन में माता राजमोहिनी देवी के संघर्षमय जीवन और समाज सुधार के कार्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि 7 जुलाई 1914 को विकासखंड वाड्रफनगर के ग्राम शारदापुर में एक साधारण गोंड परिवार में जन्मी माता राजमोहिनी देवी ने कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए अपना संपूर्ण जीवन समाज सेवा के लिए समर्पित कर दिया।
उन्होंने कहा कि जीवन की विपरीत परिस्थितियों ने उन्हें अध्यात्म की ओर प्रेरित किया, जिसके बाद उन्होंने सफेद वस्त्र धारण कर आजीवन मांसाहार का त्याग किया और वर्ष 1951 से लगभग 40 वर्षों तक नंगे पांव गांव-गांव घूमकर नशामुक्ति, मांसाहार त्याग, शिक्षा, स्वच्छता, स्वास्थ्य, बाल विवाह, छुआछूत, जादू-टोना और अन्य सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जनजागरण अभियान चलाया। उनके प्रयासों से लाखों लोगों ने नशा और मांसाहार का त्याग कर सामाजिक सुधार की दिशा में कदम बढ़ाए।
श्री मरकाम ने वर्तमान समय में बढ़ती नशाखोरी पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि माता राजमोहिनी देवी के विचार आज पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हैं। उन्होंने सभी ग्रामीणों से ग्राम पंचायत सिरौली को नशामुक्त पंचायत बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया और कहा कि यही माता राजमोहिनी देवी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व सरपंच अमोल सिंह मरावी ने माता राजमोहिनी देवी को नारी शक्ति, त्याग, संघर्ष और मानव सेवा की प्रेरणास्रोत बताते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
श्रद्धा महिला मंच की कौशल्या सिंह ने कहा कि माता राजमोहिनी देवी ने नशा उन्मूलन, मांसाहार त्याग, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ व्यापक जनआंदोलन खड़ा किया। उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री तथा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया, जो पूरे सरगुजा अंचल के लिए गौरव की बात है।
कार्यक्रम का संचालन कौशल्या सिंह ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन मदन सिंह ने व्यक्त किया। इस अवसर पर रघुबर सिंह, ललिता पाव, प्रेमवती, रिजवाना, शिवदेवी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं, पुरुष एवं बच्चे उपस्थित रहे।
खबर जागरण न्यूज (देश की आवाज) एमसीबी
