खबरों के साथ अब जरूरतमंदों की मदद का संकल्प, पत्रकार मनोज श्रीवास्तव ने उठाया सेवा का बीड़ा
चिरमिरी। पत्रकारिता को केवल खबरों तक सीमित न रखते हुए समाज के जरूरतमंद लोगों की आवाज बनने वाले चिरमिरी के पत्रकार मनोज श्रीवास्तव ने अब एक नई सामाजिक पहल का संकल्प लिया है। वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय मनोज श्रीवास्तव शहर और जिले के अलग-अलग वर्गों के लोगों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं को समझते और उन्हें खबरों के माध्यम से शासन-प्रशासन एवं आम लोगों तक पहुंचाने का कार्य करते आ रहे हैं।
इसी दौरान उन्हें कई ऐसे परिवारों से रूबरू होने का अवसर मिला, जो आर्थिक तंगी के कारण अपनी रोजमर्रा की जरूरतों को भी पूरा करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। कई जरूरतमंद परिवार ऐसे भी हैं, जिनके पास ठंड से बचने के लिए पर्याप्त गर्म कपड़े, कंबल, बिस्तर और अन्य जरूरी सामान तक उपलब्ध नहीं है। वहीं दूसरी ओर समाज में ऐसे कई घर हैं, जहां उपयोग में नहीं आने वाले कपड़े, कंबल, किताबें, बर्तन और अन्य उपयोगी सामान पड़े रहते हैं।
इसी असमानता को देखते हुए पत्रकार मनोज श्रीवास्तव ने जरूरतमंदों तक मदद पहुंचाने का संकल्प लिया है। उनका प्रयास है कि जिन लोगों के घरों में ऐसे सामान हैं, जिनका वे अब उपयोग नहीं कर रहे हैं, उन्हें स्वेच्छा से एकत्र कर वास्तविक जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाया जाए।
खास तौर पर आने वाले ठंड के मौसम को देखते हुए यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है। उनका कहना है कि ठंड की सबसे ज्यादा मार उन लोगों पर पड़ती है, जिनके पास संसाधनों की कमी होती है। ऐसे में यदि किसी के घर में रखा अतिरिक्त सामान किसी जरूरतमंद के काम आ जाए, तो इससे बड़ी मानव सेवा और क्या हो सकती है।
मनोज श्रीवास्तव का कहना है कि पत्रकार का काम केवल समस्याओं को सामने लाना ही नहीं, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझना भी है। खबरों के माध्यम से वे लगातार जनसमस्याओं को उठाते रहे हैं, लेकिन अब वे व्यक्तिगत स्तर पर भी जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाने का प्रयास करेंगे।
इस पहल का उद्देश्य किसी व्यक्ति की मदद को प्रचार का माध्यम बनाना नहीं, बल्कि समाज के सक्षम लोगों और जरूरतमंद परिवारों के बीच एक मानवीय सेतु तैयार करना है। यदि समाज के लोग आगे आकर अपने घरों में अनुपयोगी लेकिन उपयोगी सामान जरूरतमंदों को उपलब्ध कराएं, तो कई परिवारों की छोटी-बड़ी जरूरतें पूरी हो सकती हैं।
एक पत्रकार की कलम से उठी आवाज अब सेवा के संकल्प में बदल रही है। मनोज श्रीवास्तव का यह प्रयास निश्चित रूप से समाज के उन लोगों तक मदद पहुंचाने की दिशा में एक छोटी लेकिन सार्थक पहल है, जिन्हें अक्सर जरूरत के समय मदद का इंतजार रहता है।
खबर जागरण न्यूज (देश की आवाज)

