अपनी शक्ति पहचानिए, अपनी लड़ाई खुद लड़िए – पूजा खरे
खास खबर। जीवन में कई बार ऐसी परिस्थितियां आती हैं, जब इंसान दूसरों से मदद और साथ की उम्मीद करता है। लेकिन वास्तविक शक्ति तब सामने आती है, जब व्यक्ति अपने लिए स्वयं खड़ा होना सीखता है। इसी विचार को रेखांकित करते हुए पूजा खरे ने कहा है कि भगवान भी उन्हीं का साथ देते हैं, जो पहले स्वयं अपने लिए खड़े होते हैं।
पूजा खरे के अनुसार, व्यक्ति को हमेशा यह उम्मीद नहीं करनी चाहिए कि कोई दूसरा उसके लिए आवाज उठाएगा। जो व्यक्ति स्वयं के लिए बोल नहीं सकता, वह अपने जीवन में बड़ी चुनौतियों का सामना भी मजबूती से नहीं कर सकता।
उन्होंने महादेव और माता पार्वती से जुड़ी एक कथा का उल्लेख करते हुए कहा कि जब माता पार्वती ने दानवों से परेशान होकर महादेव से सहायता मांगी, तब महादेव ने उन्हें अपनी शक्ति पहचानने और अपनी लड़ाई स्वयं लड़ने का संदेश दिया। महादेव ने कहा कि वे हर कदम पर उनके साथ हैं, लेकिन लड़ाई उन्हें स्वयं लड़नी होगी।
इसी शक्ति और आत्मविश्वास के प्रतीक के रूप में महिषासुर के अंत की कथा को सामने रखते हुए पूजा खरे ने कहा कि हमारे आसपास भी कई तरह की चुनौतियां और ‘दानव’ मौजूद हैं। जरूरत है कि हम अपने भीतर की शक्ति को पहचानें और अपनी रक्षा के लिए स्वयं आगे आएं।
उनका संदेश है कि सहयोग की उम्मीद रखना गलत नहीं, लेकिन अपनी ताकत और जिम्मेदारी दूसरों के भरोसे छोड़ देना सही नहीं है। स्वयं के लिए खड़े होने वाला व्यक्ति ही परिस्थितियों को बदलने की शुरुआत कर सकता है।
राजेश सिन्हा,8319654988
