सफाई दीदियों की पीड़ा समझे नगर पालिका उपाध्यक्ष, SLRM सेंटरों में उपलब्ध कराया स्वच्छ पेयजल
डेढ़ साल से मास्क और ग्लव्स की समस्या से जूझ रहीं 73 सफाई दीदियां, निरीक्षण में सामने आईं कई खामियां
मनेंद्रगढ़। शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली सफाई दीदियों की समस्याएं अब सामने आने लगी हैं। नगर पालिका परिषद मनेंद्रगढ़ क्षेत्र में संचालित तीन SLRM सेंटरों में कार्यरत करीब 73 सफाई दीदियां रोजाना घर-घर से कचरा एकत्र कर उसे सेंटर तक पहुंचाने का काम करती हैं। लेकिन इन महिला कर्मियों को बुनियादी सुविधाओं के लिए भी परेशान होना पड़ रहा है।
बताया गया कि सफाई दीदियों को करीब डेढ़ साल से मास्क और पर्याप्त ग्लव्स उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। जो ग्लव्स उपलब्ध कराए गए, उनकी गुणवत्ता को लेकर भी महिलाओं ने सवाल उठाए हैं। गंदगी और कचरे के बीच काम करने वाली इन महिलाओं के लिए मास्क, गुणवत्तापूर्ण ग्लव्स और अन्य सुरक्षा सामग्री बेहद जरूरी है।
एक दिन पहले निरीक्षण में सामने आईं कई कमियां
नगर पालिका परिषद मनेंद्रगढ़ के उपाध्यक्ष धर्मेंद्र पटवा ने एक दिन पहले नगर के तीनों SLRM सेंटरों का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान उन्हें सेंटरों में कई तरह की कमियां दिखाई दीं। इस दौरान सफाई दीदियों ने भी अपनी समस्याएं खुलकर उनके सामने रखीं।
महिलाओं ने बताया कि कचरे और गंदगी के बीच काम करने के बावजूद उन्हें कई बार मास्क उपलब्ध नहीं होता। ग्लव्स भी ऐसी गुणवत्ता के मिलते हैं, जो नियमित काम के दौरान जल्द खराब हो जाते हैं। छोटी-छोटी जरूरतों के लिए भी उन्हें परेशानी उठानी पड़ती है।
सबसे पहले पेयजल की व्यवस्था, तीनों सेंटरों में रखवाए जार और गिलास
सफाई दीदियों की समस्याओं को सुनने के बाद नगर पालिका उपाध्यक्ष धर्मेंद्र पटवा ने तत्काल पहल करते हुए तीनों SLRM सेंटरों में दो-दो पानी के जार उपलब्ध कराए। इसके साथ ही सभी सफाई दीदियों के लिए अलग-अलग गिलास की व्यवस्था भी की गई, ताकि उन्हें स्वच्छ पेयजल मिल सके।
उन्होंने सफाई दीदियों से कहा कि शहर को स्वच्छ रखने में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है और उनकी मूलभूत जरूरतों का ध्यान रखना नगर पालिका की जिम्मेदारी है।
“सफाई दीदियां हमारे लिए हीरो हैं”- धर्मेंद्र पटवा
नगर पालिका उपाध्यक्ष धर्मेंद्र पटवा ने कहा कि सफाई दीदियां पूरे शहर को स्वच्छ रखने का काम करती हैं। वे वास्तव में हमारे लिए हीरो हैं। ऐसे में उनकी समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि सफाई दीदियां शहर को स्वच्छ रखने का काम कर रही हैं, इसलिए उन्हें सुरक्षित और स्वस्थ रखने की जिम्मेदारी भी नगर पालिका की है।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि SLRM सेंटरों में जो भी कमियां हैं, उन्हें दूर करने का प्रयास किया जाएगा और सफाई दीदियों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने में कोई कमी नहीं रखी जाएगी।
शहर को स्वच्छ रखने वाली महिलाओं की सेहत का सवाल
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जो महिलाएं प्रतिदिन शहर के घरों से निकलने वाले कचरे को अपने हाथों से संभालकर शहर को स्वच्छ वातावरण देने का काम कर रही हैं, अगर उन्हें ही सुरक्षा के पर्याप्त साधन नहीं मिलेंगे तो वे खुद को बीमारियों से कैसे बचा पाएंगी?
सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालने वाली इन महिलाओं को केवल सफाईकर्मी के रूप में नहीं, बल्कि शहर की स्वच्छता व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में देखने की जरूरत है। नगर पालिका के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों और जिम्मेदार अधिकारियों को उनकी समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान देना होगा।
धर्मेंद्र पटवा की ओर से पेयजल की तत्काल व्यवस्था किए जाने की पहल ने यह संदेश जरूर दिया है कि सफाई दीदियों की छोटी-छोटी जरूरतों को भी गंभीरता से लिया जा सकता है। अब जरूरत है कि मास्क, गुणवत्तापूर्ण ग्लव्स और अन्य सुरक्षा सामग्री की समस्या का भी स्थायी समाधान किया जाए, ताकि शहर को स्वच्छ रखने वाली ये महिलाएं खुद भी सुरक्षित और स्वस्थ रह सकें।
राजेश सिन्हा,8319654988

