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राम मंदिर चंदा विवाद पर कांग्रेस का हमला, सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग
राजेश सिन्हा, 8319654988
एमसीबी,16 जुलाई। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर गुरुवार को एमसीबी जिला मुख्यालय में कांग्रेस के द्वारा आयोजित पत्रकार वार्ता में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े कथित चंदा और वित्तीय अनियमितताओं के मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भगवान राम के नाम पर जुटाई गई श्रद्धालुओं की आस्था और चढ़ावे के साथ कथित अनियमितताएं हुई हैं तथा पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए।
पत्रकार वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने कहा कि करोड़ों लोगों ने राम मंदिर निर्माण के लिए श्रद्धा से दान दिया था। ऐसे में यदि चंदे और खर्च में किसी प्रकार की गड़बड़ी हुई है तो इसकी निष्पक्ष जांच होना आवश्यक है। कांग्रेस ने दावा किया कि मामले में सामने आए तथ्यों पर सरकार को जवाब देना चाहिए।
कांग्रेस ने उठाए ये प्रमुख सवाल
ट्रस्ट के गठन और उसकी निगरानी की जवाबदेही किसकी है?
यदि कोई अनियमितता नहीं हुई तो इस्तीफे और गिरफ्तारियां क्यों हुईं?
सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र जांच से परहेज क्यों?
केवल छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई और शीर्ष पदाधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं?
कांग्रेस की प्रमुख मांगें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरे मामले पर सार्वजनिक रूप से जवाब दें।
कथित अनियमितताओं से जुड़े सभी जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाए।
सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र न्यायिक जांच कराई जाए।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भंग कर नया पारदर्शी और जवाबदेह ट्रस्ट गठित किया जाए।
राम मंदिर के लिए मिले चंदे, चढ़ावे और खर्च का स्वतंत्र फॉरेंसिक ऑडिट कराया जाए तथा रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
कांग्रेस ने कहा कि भगवान राम किसी राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं हैं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र हैं। इसलिए श्रद्धालुओं के विश्वास से जुड़े इस मामले में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए।
खबर जागरण न्यूज (देश की आवाज) एमसीबी
