नगरीय निकाय कर्मचारियों ने 18 सूत्रीय मांगों को लेकर शासन को सौंपा ज्ञापन
राजेश सिन्हा (एमसीबी)
मनेन्द्रगढ़। नगरीय निकायों में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों की विभिन्न लंबित मांगों को लेकर नवयुक्त अधिकारी/कर्मचारी कल्याण संघ, छत्तीसगढ़ ने शासन का ध्यान आकर्षित कराया है। संघ की ओर से नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के उपमुख्यमंत्री, प्रमुख सचिव तथा संभागीय संयुक्त संचालक के नाम 18 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपकर शीघ्र निराकरण की मांग की गई है।
संघ का कहना है कि नगरीय निकायों के अधिकारी एवं कर्मचारी पिछले कई वर्षों से अपनी जायज मांगों को लेकर शासन का ध्यान आकर्षित कराते रहे हैं, लेकिन अब तक मांगों पर अपेक्षित ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
ओल्ड पेंशन योजना लागू करने की मांग
ज्ञापन में नगरीय निकायों के कर्मचारियों के लिए ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) लागू करने की मांग प्रमुख रूप से शामिल है। इसके साथ ही कर्मचारियों के लिए नया सेटअप स्वीकृत कर नियमित पदोन्नति की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की गई है। संघ ने कहा है कि नियमित पदों पर कार्यरत कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ मिलने तक निकायों में सीधी भर्ती पर रोक लगाई जाए तथा सीमित सीधी भर्ती की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
पदोन्नति और वेतनमान से जुड़ी मांगें
संघ ने पदोन्नति एवं समयमान वेतनमान के प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण करने की मांग की है। साथ ही राज्य प्रशासनिक सेवा का पृथक कैडर गठित करने, नगर निगम आयुक्त के स्वीकृत पदों पर योग्य एवं वरिष्ठ अधिकारियों को प्राथमिकता देने तथा लंबे समय से लंबित समयमान वेतनमान एवं पदोन्नति संबंधी मामलों का निराकरण करने की मांग रखी गई है।
अभियंता संवर्ग की पदोन्नति, प्रतिनियुक्ति एवं संविलियन से संबंधित समस्याओं के निराकरण के साथ ही लेखापाल संवर्ग के वेतनमान में सुधार और पदोन्नति की अवधि कम करने की मांग भी ज्ञापन में की गई है।
प्लेसमेंट और सफाई कर्मचारियों के लिए भी मांग
संघ ने प्लेसमेंट कर्मचारियों को दैनिक वेतनभोगी के रूप में रखने, 10 से 15 वर्षों से कार्यरत कर्मचारियों को नियमित करने तथा श्रम सम्मान निधि के रूप में 4 हजार रुपये प्रतिमाह देने की मांग की है।
इसके अलावा नियमित सफाई विभाग के कर्मचारियों, स्वच्छता निरीक्षक, सफाई दरोगा, सफाई कामगार सहित अन्य कर्मचारियों के पदोन्नति संबंधी प्रकरणों का निराकरण करने की मांग की गई है। कैशियर, कंप्यूटर ऑपरेटर, समयपाल, पंप अटेंडेंट और वाहन चालकों के लिए भी पदोन्नति चैनल निर्धारित करने की मांग रखी गई है।
वेतन, एरियर्स और एनपीएस-जीपीएफ राशि जमा करने की मांग
ज्ञापन में सेवानिवृत्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लंबित देय स्वत्वों का तत्काल भुगतान करने, प्रत्येक माह निर्धारित तिथि पर ट्रेजरी के माध्यम से वेतन भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
वहीं, कर्मचारियों के एनपीएस, जीपीएफ और जीआईएस की कटौती की राशि, जो पिछले कई वर्षों से जमा नहीं की गई है, उसे संबंधित PRAN एवं GPF खातों में शीघ्र जमा कराने तथा छठवें एवं सातवें वेतनमान के एरियर्स की राशि के भुगतान की स्वीकृति देने की मांग की गई है।
कैशलेस चिकित्सा और सैलरी पैकेज की मांग
नगरीय निकायों के अधिकारी-कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू करने तथा वित्तीय संस्थाओं के माध्यम से वेतन के विरुद्ध अल्पावधि ऋण की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग भी की गई है। साथ ही शासकीय कर्मचारियों की तर्ज पर नगरीय निकायों में भी सैलरी पैकेज योजना लागू करने की मांग रखी गई है।
स्थानांतरण नीति और प्रतिनियुक्ति पर भी उठाई मांग
ज्ञापन में विभागीय डिप्लोमा (LSGD) प्राप्त अधिकारी-कर्मचारियों से वसूली की कार्रवाई रोकने तथा कार्योत्तर स्वीकृति प्रदान करने की मांग की गई है। अन्य विभागों से प्रतिनियुक्ति पर अधिकारियों एवं कर्मचारियों की पदस्थापना पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और शासकीय विभागों की तर्ज पर खुली स्थानांतरण नीति लागू करने की मांग भी संघ ने की है।
इसके अलावा अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ जनप्रतिनिधियों अथवा अन्य लोगों द्वारा किए जाने वाले दुर्व्यवहार के मामलों में नगरीय प्रशासन विभाग की ओर से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
कमेटी के निर्णय और कार्रवाई रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग
संघ ने अपनी मांगों पर शासन द्वारा गठित कमेटी के निर्णय को सार्वजनिक करने की मांग की है। साथ ही निकायों से प्राप्त परामर्शदात्री बैठक के सुझावों तथा विभागीय आदेश के अनुसार तैयार कार्ययोजना पर निकायों और संघ से प्राप्त सुझावों के संबंध में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट भी सार्वजनिक करने की मांग की गई है।
संघ ने शासन से सभी 18 सूत्रीय मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेते हुए नगरीय निकायों के अधिकारी-कर्मचारियों की लंबित समस्याओं का निराकरण करने की मांग की है।

