अंजन हिल खदान को मिली हरी झंडी, चिरमिरी में लौटेगी रौनक, पलायन पर लगेगा ब्रेक
अंजन हिल कोयला खदान परियोजना की जनसुनवाई संपन्न, स्थानीय प्रतिनिधियों ने जताया समर्थन
खंडगवां/चिरमिरी। दक्षिण-पूर्वी चिरमिरी कोलफील्ड क्षेत्र में प्रस्तावित अंजन हिल कोयला खदान परियोजना के लिए गुरुवार को ग्राम भुकभुकी, जनपद पंचायत खंडगवां में जनसुनवाई का आयोजन किया गया। अंजन माइंस प्राइवेट लिमिटेड द्वारा प्रस्तावित यह परियोजना कोल इंडिया लिमिटेड की सहायक कंपनी साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) के चिरमिरी क्षेत्र अंतर्गत लगभग 388.261 हेक्टेयर क्षेत्र में प्रस्तावित है।
जनसुनवाई में प्रशासन और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में अपर कलेक्टर अनिल सिदार, पर्यावरण एवं जलवायु संरक्षण अधिकारी शैलेश पिसदा, अनुविभागीय अधिकारी बृजेन्द्र सारथी, सीएसपी दीपिका मिंज, एसईसीएल के महाप्रबंधक अशोक कुमार तथा सब एरिया मैनेजर मनीष सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
जनसुनवाई के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने परियोजना का समर्थन व्यक्त किया। जनपद पंचायत अध्यक्ष प्रिया मेश्राम ने कहा कि क्षेत्रीय विकास और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने के लिए खदान का खुलना स्वागतयोग्य कदम है। कार्यक्रम में महापौर चिरमिरी राम नरेश राय, नगर निगम सभापति संतोष सिंह, ब्लॉक अध्यक्ष शिवांश जैन, नगर निगम नेता प्रतिपक्ष गायत्री बिरहा एवं वरिष्ठ पत्रकार श्रीकांत शुक्ला भी मौजूद रहे।
जनसुनवाई नियमानुसार नामित अधिकारियों और वैधानिक प्राधिकरणों की उपस्थिति में पारदर्शिता के साथ आयोजित की गई। कंपनी के अनुसार स्थानीय समुदाय से परियोजना को सकारात्मक समर्थन प्राप्त हुआ, जो परियोजना के प्रति विश्वास को दर्शाता है।
इस दौरान कुछ ग्रामीणों ने निजी भूमि अधिग्रहण को लेकर चिंता जताई। इस पर एसईसीएल के महाप्रबंधक अशोक कुमार ने स्पष्ट किया कि परियोजना के लिए किसी भी निजी भूमि का अधिग्रहण नहीं किया जाएगा तथा पूरा विकास कार्य केवल आवंटित लीज क्षेत्र के भीतर ही किया जाएगा।
कंपनी ने स्थानीय समुदाय के विकास और कल्याण के लिए अपनी प्रतिबद्धता जताई। कंपनी द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं, पर्यावरण संरक्षण, रोजगार सृजन, सुरक्षा उपायों और जल प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई। हाल ही में कंपनी द्वारा सामाजिक दायित्व के तहत हुडी जैकेट, स्कूल बैग और डेस्क-बेंच वितरण जैसी पहलें भी की गई हैं।
कंपनी का दावा है कि परियोजना से किसी प्रकार का विस्थापन, पुनर्वास या अतिक्रमण का मुद्दा नहीं जुड़ा है और वनों, जल स्रोतों या वन्यजीवों पर प्रतिकूल प्रभाव की संभावना नहीं है। परियोजना क्षेत्र में कोई ग्राम पंचायत शामिल नहीं होने से आसपास के गांवों पर नकारात्मक असर की आशंका भी नहीं जताई गई है।
स्थानीय व्यापार प्रतिनिधि ओम प्रकाश अग्रवाल ने परियोजना को क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण विकास अवसर बताते हुए कहा कि जिम्मेदार और पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप खनन से स्थानीय आजीविका और व्यापार दोनों को मजबूती मिलेगी।
जनसुनवाई पूर्ण होने के बाद कंपनी अब वैधानिक और नियामक स्वीकृतियों के अनुरूप परियोजना के अगले चरणों की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगी तथा स्थानीय हितधारकों के साथ समन्वय में कार्य करने की बात कही है।
राजेश सिन्हा 8319654988




