सोनहत के कुशहा गांव में सुशासन तिहार के दौरान भाजपा कार्यकर्ता ने मुख्यमंत्री के सामने ही सुनाई पीड़ा
पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने उठाए सवाल
सोनहत,कोरिया।गुलाब कमरो ने सोनहत क्षेत्र के कुशहा गांव में आयोजित सुशासन तिहार कार्यक्रम को लेकर प्रदेश सरकार और स्थानीय विधायक पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। कार्यक्रम के दौरान उस समय राजनीतिक माहौल गर्मा गया, जब एक भाजपा पदाधिकारी ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सामने ही क्षेत्र की समस्याओं और विधायक की कार्यशैली को लेकर नाराजगी जाहिर कर दी।
कार्यक्रम में मौजूद भाजपा पदाधिकारी ने मुख्यमंत्री के समक्ष कहा कि क्षेत्र की विधायक जनता के बीच नदारद रहती हैं और लोगों की समस्याओं की सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि आम कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों को अपनी बात रखने के लिए भटकना पड़ रहा है, जबकि सरकार सुशासन का दावा कर रही है।
इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने कहा कि “क्या यही सुशासन है?” उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार जिस व्यवस्था को सुशासन बता रही है, उसकी वास्तविकता अब भाजपा के अपने ही कार्यकर्ता मुख्यमंत्री के सामने उजागर कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जनता परेशान है, कार्यकर्ता नाराज हैं और सरकार केवल कार्यक्रमों और प्रचार में व्यस्त दिखाई दे रही है। गुलाब कमरो ने कहा कि कुशहा गांव में जो दृश्य सामने आया, उसने साबित कर दिया कि क्षेत्र की भाजपा विधायक का जमीनी हकीकत से संपर्क टूट चुका है।
पूर्व विधायक ने कहा कि जब भाजपा के समर्पित कार्यकर्ता ही मुख्यमंत्री से यह शिकायत कर रहे हैं कि विधायक क्षेत्र में दिखाई नहीं देतीं, तो यह स्पष्ट संकेत है कि क्षेत्र में जनप्रतिनिधित्व कमजोर हो चुका है। उन्होंने कहा कि जनता ने अपने प्रतिनिधियों को सदन में अपनी आवाज उठाने और क्षेत्र के विकास के लिए चुना है, न कि जनता से दूरी बनाने के लिए।
गुलाब कमरो ने आगे कहा कि भरतपुर-सोनहत क्षेत्र की लगातार उपेक्षा की जा रही है। सड़क, बिजली, रोजगार, पेयजल और ग्रामीण विकास जैसे बुनियादी मुद्दों पर जनता परेशान है, लेकिन सरकार केवल आयोजनों के माध्यम से सुशासन का संदेश देने का प्रयास कर रही है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि क्षेत्र की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो जनता आने वाले समय में इसका जवाब देगी।
उन्होंने यह भी कहा कि सुशासन का अर्थ केवल मंचीय कार्यक्रम और भाषण नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं का समय पर समाधान और जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही होती है। कुशहा गांव में सामने आया घटनाक्रम इस बात का प्रमाण है कि सरकार के दावे और जमीनी स्थिति में बड़ा अंतर है।
राजेश सिन्हा,8319654988
