मंगलसूत्र मामला : कलेक्टर ने बनाई जांच समिति, विभाग ने पहले ही बांट दी क्लीन चिट – सौरव मिश्रा
मनेंद्रगढ़,एमसीबी।मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत खड़गवां विकासखंड के चनवारीडांड में आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम में वितरित मंगलसूत्र की गुणवत्ता को लेकर सामने आए विवाद ने अब महिला एवं बाल विकास विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी मनेंद्रगढ़ शहर के अध्यक्ष सौरव मिश्रा ने कहा है कि शिकायत के आधार पर जिला प्रशासन द्वारा जांच समिति गठित किए जाने के बावजूद विभाग द्वारा जांच पूरी होने से पहले ही स्वयं को क्लीन चिट देना कई संदेहों को जन्म देता है।
ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष सौरव मिश्रा ने बताया कि सामूहिक विवाह कार्यक्रम में शामिल कुछ महिलाओं द्वारा वीडियो जारी कर आरोप लगाया गया था कि उन्हें चांदी के स्थान पर गिलेट (नकली धातु) के मंगलसूत्र प्रदान किए गए हैं। महिलाओं द्वारा लगाए गए आरोपों को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने कलेक्टर मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर को लिखित शिकायत प्रस्तुत कर मामले की निष्पक्ष जांच एवं दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की थी।
शिकायत प्राप्त होने के बाद कलेक्टर महोदय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अपर कलेक्टर, जिला कोषालय अधिकारी एवं जिला उद्योग एवं व्यापार केंद्र के महाप्रबंधक की तीन सदस्यीय जांच समिति गठित कर दी। समिति को मंगलसूत्र की गुणवत्ता, क्रय प्रक्रिया, आपूर्ति व्यवस्था तथा वितरण संबंधी संपूर्ण प्रक्रिया की जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
सौरव मिश्रा ने कहा कि जांच समिति की रिपोर्ट आने से पहले ही महिला एवं बाल विकास विभाग के संचालनालय द्वारा प्रेस विज्ञप्ति जारी कर स्वयं को दोषमुक्त बताने का प्रयास किया गया है। जबकि जांच अभी पूरी नहीं हुई है और न ही समिति ने अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत किया है। ऐसे में विभाग द्वारा जल्दबाजी में सफाई देना कई गंभीर प्रश्न खड़े करता है। जब जांच प्रक्रिया जारी है, तब विभाग किस आधार पर निष्कर्ष निकाल रहा है कि किसी प्रकार की अनियमितता नहीं हुई? इससे यह आशंका भी उत्पन्न होती है कि कहीं जांच के निष्कर्षों को प्रभावित करने अथवा मामले की गंभीरता को कम करके दिखाने का प्रयास तो नहीं किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े को प्रदेश की महिलाओं के सामने स्पष्ट करना चाहिए कि जांच पूरी होने से पहले विभाग द्वारा सफाई प्रस्तुत करने की क्या आवश्यकता थी। साथ ही मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को भी बताना चाहिए कि उनकी सरकार में जनता की शिकायतों की निष्पक्ष जांच को प्राथमिकता दी जाएगी या फिर विभाग पहले ही स्वयं को क्लीन चिट देता रहेगा।
सौरव मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना प्रदेश की बेटियों और महिलाओं के सम्मान से जुड़ी महत्वपूर्ण योजना है। ऐसी योजना में यदि हितग्राहियों द्वारा सामग्री की गुणवत्ता को लेकर शिकायत की जाती है तो सरकार और विभाग का दायित्व निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करना होना चाहिए, न कि जांच पूर्ण होने से पहले स्वयं को निर्दोष साबित करने का प्रयास करना।
उन्होंने मांग की कि जांच समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए, पूरे मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच हो तथा यदि किसी स्तर पर लापरवाही, अनियमितता अथवा भ्रष्टाचार पाया जाता है तो संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों एवं एजेंसी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।
राजेश सिन्हा,8319654988
