“50 हजार रुपये मांगने के आरोप निराधार, छवि खराब करने की साजिश”-CMHO डॉ. अविनाश खरे का बयान
उच्च न्यायालय में लंबित है सेवा संबंधी मामला, नियमों के तहत भुगतान संभव नहीं : CMHO
राजेश सिन्हा,8319654988
मनेंद्रगढ़, एमसीबी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. अविनाश खरे ने उन पर लगाए गए 50 हजार रुपये की मांग और अभद्र व्यवहार के आरोपों को पूरी तरह निराधार एवं असत्य बताया है। उन्होंने कहा कि यह आरोप उनकी छवि धूमिल करने और अनावश्यक दबाव बनाने के उद्देश्य से लगाए गए हैं।
डॉ. खरे ने बताया कि जिस महिला ने आरोप लगाए हैं, उसे एक आपराधिक प्रकरण में निचली अदालत द्वारा दोषसिद्ध किए जाने के बाद तत्कालीन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, कोरिया द्वारा सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। वर्तमान में महिला ने अपनी पूर्व सेवा से संबंधित बकाया राशि के भुगतान की मांग की है।
CMHO के अनुसार यह मामला वर्तमान में उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। न्यायालय में प्रकरण लंबित होने के कारण नियमानुसार उनके स्तर से किसी भी प्रकार का भुगतान किया जाना संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में आवश्यक पत्राचार राज्य कार्यालय को भी भेजा जा चुका है और आगे की कार्रवाई शासन एवं न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप ही की जाएगी।
डॉ. अविनाश खरे का कहना है कि भुगतान नहीं होने से नाराज होकर उन पर झूठे और बेबुनियाद आरोप लगाए जा रहे हैं, ताकि उनकी व्यक्तिगत एवं प्रशासनिक छवि को नुकसान पहुंचाया जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह अपने सभी दायित्वों का निर्वहन शासन के नियमों और कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप कर रहे हैं।
गौरतलब है कि कुछ दिन पूर्व एक महिला ने CMHO पर 50 हजार रुपये की मांग करने और गाली-गलौज करने के आरोप लगाए थे। अब इस पूरे मामले में CMHO डॉ. अविनाश खरे का पक्ष भी सामने आ गया है। मामले से जुड़े तथ्यों पर अंतिम निर्णय न्यायालय के आदेश के बाद ही स्पष्ट होगा।
खबर जागरण न्यूज( देश की आवाज) एमसीबी
