मनेन्द्रगढ़ का 220-बिस्तर अस्पताल बना स्वास्थ्य सेवाओं का भरोसेमंद केंद्र
राजधानी के मेकाहारा अस्पताल की तर्ज पर सेवा दे रहा है मनेंद्रगढ़ का सरकारी अस्पताल
एक साल में 1.09 लाख से अधिक ओपीडी, सर्जरी का आंकड़ा 15 से बढ़कर 114 तक पहुंचा; सोनोग्राफी, डायलिसिस और हार्मोनल जांच जैसी सुविधाएं मरीजों को मिल रही स्थानीय स्तर पर
मनेन्द्रगढ़। स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में मनेन्द्रगढ़ का 220-बिस्तर सिविल अस्पताल लगातार अपनी सुविधाओं और कार्यक्षमता का विस्तार कर रहा है। अस्पताल में बढ़ती मरीजों की संख्या और उपचार सुविधाओं के आंकड़े इस बात की तस्वीर पेश करते हैं कि अब क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बड़े शहरों और महानगरों की ओर जाने की जरूरत पहले की तुलना में कम हो रही है। अस्पताल में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं और उपलब्ध आंकड़े इसकी बढ़ती विश्वसनीयता को दर्शाते हैं।
जुलाई 2025 से जुलाई 2026 तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो इस अवधि में अस्पताल की ओपीडी में कुल 1,09,264 मरीज पहुंचे। वहीं आईपीडी में 7,505 मरीजों को भर्ती कर उपचार दिया गया। इसी अवधि में अस्पताल में 1,369 प्रसव हुए, जबकि विभिन्न प्रकार की सर्जरी का आंकड़ा 507 तक पहुंचा।
सर्जरी में उल्लेखनीय बढ़ोतरी
अस्पताल की सर्जरी सेवाओं में पिछले एक वर्ष के दौरान उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। जुलाई 2025 में जहां 15 सर्जरी हुई थीं, वहीं जुलाई 2026 में यह आंकड़ा बढ़कर 114 पहुंच गया। मार्च 2026 में 42, अप्रैल में 33, मई में 68 और जून में 79 सर्जरी दर्ज की गईं। लगातार बढ़ता यह आंकड़ा अस्पताल में विशेषज्ञ सेवाओं और ऑपरेशन सुविधाओं के विस्तार की ओर संकेत करता है।
सोनोग्राफी सुविधा में भी बड़ा विस्तार
अस्पताल के आंकड़ों में सोनोग्राफी जांच की सुविधा का विस्तार भी स्पष्ट नजर आता है। फरवरी 2026 में 123 सोनोग्राफी, मार्च में 202, अप्रैल में 103, मई में 96, जून में 387 और जुलाई 2026 में 442 सोनोग्राफी जांच दर्ज की गईं। जुलाई में सोनोग्राफी जांच का आंकड़ा पिछले महीनों की तुलना में काफी अधिक रहा।
इसके साथ ही अस्पताल में नई हाई-रेजोल्यूशन डिजिटल अल्ट्रासोनोग्राफी मशीन के पंजीयन की प्रक्रिया भी चल रही है। नई मशीन के उपलब्ध होने से जांच सुविधाओं को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
15 विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं
220-बिस्तर अस्पताल में वर्तमान में करीब 15 विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं उपलब्ध हैं। विशेषज्ञ सेवाओं की उपलब्धता का सीधा लाभ क्षेत्र के मरीजों को मिल रहा है। सामान्य उपचार के साथ विभिन्न विशेषज्ञताओं से संबंधित मरीजों को अस्पताल में ही परामर्श और उपचार उपलब्ध होने से बाहर रेफर किए जाने की जरूरत कम करने में मदद मिल रही है।
प्रतिदिन करीब 15 मरीजों को डायलिसिस
किडनी रोगियों के लिए डायलिसिस की सुविधा भी अस्पताल की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल है। यहां प्रतिदिन करीब 15 मरीजों को डायलिसिस सुविधा दी जा रही है। पहले जिन मरीजों को ऐसी सेवाओं के लिए बड़े अस्पतालों का रुख करना पड़ता था, उन्हें अब मनेन्द्रगढ़ में ही उपचार की सुविधा मिल रही है।
हार्मोनल टेस्ट सहित कई जांच सुविधाएं
अस्पताल की लैब में प्रतिदिन सैकड़ों मरीजों की विभिन्न प्रकार की जांच की जा रही है। सामान्य पैथोलॉजी जांच के साथ हार्मोनल टेस्ट जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। इससे मरीजों को जांच के लिए दूसरे शहरों में जाने की परेशानी कम हुई है।
आंकड़े बता रहे अस्पताल की बदलती तस्वीर
जुलाई 2025 से जुलाई 2026 के आंकड़ों को देखा जाए तो अस्पताल की ओपीडी में हर महीने हजारों मरीज पहुंच रहे हैं। जुलाई 2025 में ओपीडी 9,102 थी, जो जुलाई 2026 में 9,067 रही। इस दौरान फरवरी 2026 में 9,164 और जून में 9,169 मरीजों की ओपीडी दर्ज हुई। आईपीडी और प्रसव सेवाओं में भी लगातार मरीजों का उपचार किया गया।
मरीजों की बढ़ती संख्या, विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता, सर्जरी सेवाओं में वृद्धि, सोनोग्राफी जांच का विस्तार, डायलिसिस सुविधा और आधुनिक लैब जांच जैसी सुविधाओं को मिलाकर देखें तो मनेन्द्रगढ़ का 220-बिस्तर अस्पताल अब क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था का महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभर रहा है।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में अस्पताल का यह विस्तार स्थानीय लोगों के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है। अस्पताल में बढ़ती सुविधाएं और मरीजों की संख्या यह संकेत दे रही है कि मनेन्द्रगढ़ में स्वास्थ्य सेवाएं अब धीरे-धीरे अपने विस्तारित और सशक्त स्वरूप की ओर बढ़ रही हैं।
राजेश सिन्हा,8319654988


