जिले में लाल ईंट भट्टों का अवैध संचालन, राजस्व व पर्यावरण को भारी नुकसान
एमसीबी। जिले में लाल ईंटों के भट्टों का संचालन खुलेआम और धड़ल्ले से किया जा रहा है। वहीं जिले से मात्र 5 किलोमीटर बौरीडांड में भी धड़ले से लाल ईंट बन रहा है। हैरानी की बात यह है कि यह पूरा अवैध निर्माण संबंधित अधिकारियों की नाक के नीचे फल-फूल रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
जानकारी के अनुसार, जिले के विभिन्न इलाकों में बिना वैध अनुमति के ईंट भट्टे संचालित हो रहे हैं। इन भट्टों से जहां एक ओर शासन को राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है, वहीं दूसरी ओर पर्यावरण भी गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है। भट्टों से निकलने वाला धुआं वायु प्रदूषण को बढ़ा रहा है, जिससे आमजन के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
सूत्रों की मानें तो इन ईंट भट्टों में स्थानीय मजदूरों के बजाय बाहरी मजदूरों को बुलाकर काम कराया जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार से वंचित होना पड़ रहा है। इसके अलावा, भट्टों में उपयोग किए जाने वाले कोयले की आपूर्ति भी संदेह के घेरे में है। बताया जा रहा है कि चोरी का कोयला मंगाकर भट्टों में धड़ल्ले से इस्तेमाल किया जा रहा है।
जानकारों का कहना है कि संबंधित विभाग के अधिकारियों का अधिकांश समय सिर्फ वीडियो कॉन्फ्रेंस (वीसी) या मीटिंग में ही निकल जाता है, जबकि जमीनी स्तर पर निरीक्षण लगभग न के बराबर है। फील्ड में अधिकारियों की अनुपस्थिति के कारण ईंट भट्टा संचालकों का मनोबल बढ़ा हुआ है और वे बेखौफ होकर नियमों की अनदेखी कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध ईंट भट्टों की तत्काल जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ शासन के राजस्व की भी रक्षा हो सके। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले पर कब तक संज्ञान लेता है।
राजेश सिन्हा 8319654988
