भाजपा सरकार की किसान-मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ खड़गवां में कांग्रेस का जोरदार आंदोलन
एक दिवसीय उपवास, प्रदर्शन व चक्का जाम कर मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को सौंपा गया ज्ञापन
खड़गवां एमसीबी। भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों, धान खरीदी में अव्यवस्था और मनरेगा को कमजोर किए जाने के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में आज खड़गवां में एक दिवसीय उपवास, जोरदार प्रदर्शन एवं चक्का जाम किया गया। आंदोलन के पश्चात मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर किसानों एवं श्रमिकों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग की गई।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि यह सरकार किसानों और मजदूरों की नहीं, बल्कि पूंजीपतियों की सरकार बनकर काम कर रही है। धान खरीदी की तिथि समाप्त कर देना और टोकन कटने के बावजूद किसानों का पूरा धान नहीं खरीदना, किसानों के साथ सीधा अन्याय है। कांग्रेस इस अन्याय को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगी।
ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष खड़गवां युधिष्ठिर कमरों ने कहा कि धान खरीदी में फैली अव्यवस्था भाजपा सरकार की नाकामी को उजागर करती है। किसानों की पूरी साल की मेहनत धान पर निर्भर होती है, लेकिन सरकार की लापरवाही के कारण किसान आर्थिक संकट से जूझ रहा है। साथ ही मनरेगा को धीरे-धीरे समाप्त करने की साजिश की जा रही है, जिससे ग्रामीण मजदूरों से उनका हक छीना जा रहा है।
पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष सूर्य प्रकाश यूके ने कहा कि मनरेगा गरीबों और मजदूरों के लिए जीवनरेखा है। भाजपा सरकार जानबूझकर काम और भुगतान में बाधा डालकर इस योजना को कमजोर कर रही है। कांग्रेस पार्टी किसानों और मजदूरों के हक की लड़ाई सड़क से लेकर शासन-प्रशासन तक पूरी मजबूती से लड़ेगी।
इस आंदोलन में सांसद प्रतिनिधि उत्तम पांडे, मनोज शर्मा, प्रदीप राज, युगान्तर श्रीवास्तव, सुखित अगरिया, शिवचंद्र सिंह, नन्हू सिंह, सेवा दल जिला अध्यक्ष विजय नेमार, शेफ नियाजी, हबीब खाना, ब्लॉक अध्यक्ष चिरमिरी शिवांश जैन, शंभू ओझा, सुभाष समुद्रे, मो. बिलाल, इकराम आजमी, शाहबुद्दीन, आशीष रावल सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, किसान एवं मजदूर उपस्थित रहे।
कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि भाजपा सरकार ने शीघ्र धान खरीदी की तिथि नहीं बढ़ाई, टोकन कट चुके किसानों का पूरा धान नहीं खरीदा और मनरेगा को उसके मूल स्वरूप में बहाल नहीं किया, तो कांग्रेस पार्टी आंदोलन को और उग्र रूप देने के लिए बाध्य होगी।
