1200 किमी की पदयात्रा के बाद कोरबा लौटे ‘जंगल बचाओ’ अभियान के दो युवा, हरदी बाजार और बिलासपुर में हुआ भव्य स्वागत
हसदेव अरण्य, जल-जंगल-जमीन और आदिवासी अधिकारों की आवाज लेकर पहुंचे थे दिल्ली, राहुल गांधी से मुलाकात की प्रक्रिया शुरू
राजेश सिन्हा,831654988
कोरबा/हरदी बाजार। हसदेव अरण्य, जल-जंगल-जमीन और आदिवासी अधिकारों की आवाज को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने के उद्देश्य से 1200 किलोमीटर की पदयात्रा करने वाले कोरबा जिले के दो युवा राजकमल यादव और चंद्रशेखर पांडे मंगलवार, 28 जुलाई 2026 को दिल्ली से अपने गृह क्षेत्र हरदी बाजार लौटे। उनके आगमन पर हरदी बाजार और बिलासपुर में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और क्षेत्रवासियों ने फूल-मालाओं एवं जयघोष के साथ जोरदार स्वागत किया।
दोनों युवाओं ने 30 जून 2026 को कटघोरा क्षेत्र के सरईसिंगार (हरदी बाजार) से ‘जंगल, जीव और जन-अधिकार पदयात्रा’ की शुरुआत की थी। करीब 21 दिनों तक लगातार पैदल चलते हुए दोनों 20 जुलाई को नई दिल्ली पहुंचे। बारिश, कठिन मौसम और लंबी दूरी की चुनौतियों के बावजूद उन्होंने अपना अभियान जारी रखा और रास्ते में लोगों को पर्यावरण संरक्षण, हसदेव अरण्य की सुरक्षा तथा आदिवासी अधिकारों के प्रति जागरूक किया।
दिल्ली में उठाई छत्तीसगढ़ की आवाज
दिल्ली प्रवास के दौरान पदयात्रा प्रतिनिधिमंडल ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के निजी सलाहकार से मुलाकात कर छत्तीसगढ़ से जुड़े जनसरोकारों पर चर्चा की। प्रतिनिधियों के अनुसार राहुल गांधी से औपचारिक मुलाकात की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और कांग्रेस कार्यालय की ओर से जल्द ही मुलाकात की तिथि घोषित की जाएगी।
प्रस्तावित मुलाकात में हसदेव अरण्य, वन अधिकार, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की बात कही गई है।
सरकार के सामने रखीं पांच प्रमुख मांगें
पदयात्रा के माध्यम से केंद्र और राज्य सरकार के समक्ष पांच प्रमुख मांगें रखी गई हैं
1. हसदेव अरण्य सहित छत्तीसगढ़ के जंगलों का संरक्षण।
2. वन्यजीवों और जैव विविधता की सुरक्षा।
3. आदिवासी एवं वनवासी समुदायों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा।
4. जल, जंगल और जमीन के प्रबंधन में ग्राम सभाओं की प्रभावी भागीदारी।
5. प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन पर रोक लगाकर पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता।
राजकमल यादव ने कहा कि “जंगल केवल पेड़ों का समूह नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, आजीविका और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य हैं।”
वहीं चंद्रशेखर पांडे ने कहा कि “विकास के नाम पर प्रकृति का लगातार दोहन हो रहा है। अब जनआवाज को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से उठाने का समय आ गया है।”
हरदी बाजार और बिलासपुर में हुआ जोरदार स्वागत
दिल्ली से लौटने के बाद दोनों युवाओं का हरदी बाजार और बिलासपुर में नागरिकों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान फूल-मालाएं पहनाकर और जयघोष के साथ उनका अभिनंदन किया गया।
स्वागत कार्यक्रम में पूर्व विधायक पुरुषोत्तम कंवर, रमेश अहीर, दुर्गेश साहू, संतोष यादव, सुनील भैना, शशि भैना, दीपक पांडे, बबल मरकाम, निखिल डायरिया, लालू प्रजापति, रोहन पांडे, आशीष कान्हा प्रजापति, उमाशंकर पटेल, राजकुमार, रमेश, परमेश्वर यादव, प्रीत यादव, नरेंद्र, बबलू, भानु, संजय, आकाश, अंशू यादव, सुमित, लालू यादव और प्रीतम दीपक सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे।
जनभागीदारी की अपील
पदयात्रा प्रतिनिधियों ने प्रदेशवासियों से अपने-अपने क्षेत्र की जनसमस्याओं और जनहित से जुड़े मुद्दों को साझा करने की अपील की है। उनका कहना है कि इन मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह पदयात्रा केवल दो युवाओं का अभियान नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की जनता की सामूहिक आवाज है। जल-जंगल-जमीन और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के संकल्प के साथ निकली 1200 किलोमीटर की यह पदयात्रा अब पर्यावरण और जनअधिकारों से जुड़े अभियान के रूप में चर्चा में है।
खबर जागरण न्यूज(देश की आवाज)
