जिला बनने के तीन साल बाद भी स्कूल शिक्षा विभाग के 35 पदों की स्वीकृति नहीं मिलने से जिले की शिक्षा व्यवस्था प्रभावित
(पूर्व महापौर के. डोमरु रेड्डी ने सीएम पोर्टल में की शिकायत)
राजेश सिन्हा,8319654988
चिरमिरी,एमसीबी।मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर जिला बनने बनाने की होड़ एवं खुशी में सब शामिल होकर, जश्न में डूबे रहे। किन्तु इस नये जिले में शिक्षा के सेटअप की तरफ किसी का ध्यान नहीं गया। जिसका खामियाजा यहाँ के नौनिहाल विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है। जिसका प्रत्यक्ष प्रमाण ही यह है कि पिछले तीनों वर्षों से जिले का परीक्षा फल सूची में यह जिला अंतिम पायदान पर ही रहते आ रहा है। आखिर इस विपरीत परिणाम का जिम्मेदार कौन है, विद्यार्थी, शिक्षक, अधिकारी या कि स्वंय सरकार?
इसे गम्भीरता से लेते हुए चिरमिरी नगर निगम के पूर्व महापौर एवं जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष के. डोमरु रेड्डी ने इस पूरे मामले की सीएम पोर्टल 1076 में शिकायत करते हुए उपरोक्त पदों के आवश्यक निर्धारित सेटअप को जल्द स्वीकृत करने की मांग की है। क्योंकि उनका मानना है कि इस नवगठित एमसीबी जिला बनने के तीन साल बाद भी स्कूल शिक्षा विभाग के आवश्यक 35 पदों के सेटअप की स्वीकृति नहीं मिलने से जिले की शिक्षा व्यवस्था बुरी तरह से प्रभावित हो रही है। जिस ओर जिम्मेदारों का ध्यान नहीं है।
उपरोक्त संदर्भ में जानकारी देते हुए पूर्व महापौर के. डोमरु रेड्डी ने बताया कि प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी के नेतृत्व में चल रहे वर्तमान शैक्षणिक व्यवस्था में एमसीबी जिले में जिला शिक्षा अधिकारी – 1 पद, सांख्यिकी अधिकारी – 1 पद, सहायक संचालक – 3 पद, सहायक परियोजना अधिकारी – 5 पद, एमआईएस प्रशासक – 1 पद, सर्व शिक्षा डीएमसी – 1 पद, लेखापाल- 1 पद, सहायक ग्रेड एक – 1 पद, सहाएक ग्रेड दो – 1 पद, एडीपीओ- 1 पद, लेखापाल- 1 पद, डाटा आपरेटर- 1 पद, सहायक ग्रेड 1 के 1 पद, सहायक ग्रेड – दो के 6 पद, सहायक ग्रेड तीन के 6 पद रिक्त है।
श्री रेड्डी ने आगे कहा कि इस प्रकार जिले में लगभग 35 पद शिक्षा विभाग मे होना चाहिये, लेकिन आज जिला बने 3 साल से ज्यादा होने के बाद भी इस जिले से इन पदो के लिये सेटअप ही राज्य से नही भेजा गया, कि इन पदों पर स्थाई नियुक्ति हो सके और अपने चहेते लोगो को इन पदो पर अस्थाई रूप से बैठाकर उन्हे विद्यालय से दूर रखा गया। इनमें से ज्यादातर के पास ना तो कोई अनुभव था न इनके ऊपर कोई जिम्मेदारी ही निर्धारित की गई। यही कारण है कि विद्यालय का परीक्षा परीणाम जिला बनने के बाद से लगातार 3 वर्षों से अन्तिम पायदान पर है। पूर्व महापौर के. डोमरु रेड्डी ने पूरे मामले की सीएम पोर्टल में शिकायत करते हुए सीएम विष्णुदेव साय से जल्द से जल्द उपरोक्त पदों के सेटअप को स्वीकृत करने की मांग की है ।
खबर जागरण न्यूज(देश की आवाज)
