एमसीबी जिला पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह का सड़क सुरक्षा के नन्हे सिपाहियों के नाम संदेश
मेरे प्यारे बच्चों,
आज मैं आपसे पुलिस अधिकारी के रूप में नहीं, बल्कि एक बड़ी बहन, मार्गदर्शक और सच्ची शुभचिंतक के रूप में बात कर रही हूँ।
आप सभी के पास एक ऐसी अनमोल ताक़त है, जिसे कई बार बड़े भी भूल जाते हैं—आपका प्यार।
अपने माता-पिता, दादा-दादी और परिवार के हर सदस्य से आपका सच्चा लगाव ही वह शक्ति है, जो उन्हें सबसे सही रास्ता दिखा सकती है।
अपनी ड्यूटी के दौरान मैंने सड़कों पर कई दर्दनाक हादसे देखे हैं। ज़्यादातर हादसे किसी तकनीकी खराबी से नहीं, बल्कि एक छोटी-सी लापरवाही से होते हैं—
“कुछ नहीं होगा”,“बस थोड़ी दूर ही तो जाना है”,
या“जल्दी पहुँचने की जल्दी है।”
लेकिन मुझे पूरा भरोसा है कि घर में आपकी मासूम और सच्ची आवाज़, पुलिस के सौ चालानों और भारी जुर्मानों से भी ज़्यादा असरदार होती है।इसलिए आज से मैं आप सभी को अपने ‘स्पेशल ट्रैफिक वॉलिंटियर’ घोषित करती हूँ।
आपकी सुरक्षा ड्यूटी – ज़रूरी जिम्मेदारियाँ
हेलमेट – ज़िंदगी का सबसे मजबूत सुरक्षा कवच
अगर घर में कोई भी बाइक या स्कूटर चलाता है, तो उसके सिर पर आईएसआई (ISI) मार्क वाला हेलमेट ज़रूर होना चाहिए।
याद रखिए
हेलमेट पुलिस के डर से नहीं, ज़िंदगी बचाने के लिए पहना जाता है।
“सिर सुरक्षित, तो परिवार सुरक्षित।”
शराब पीकर गाड़ी चलाना – सीधे मौत को न्योता नशे में गाड़ी चलाने से सोचने-समझने की शक्ति खत्म हो जाती है। यह न केवल अपनी, बल्कि सड़क पर चल रहे हर इंसान की जान को खतरे में डालता है।अगर किसी ने शराब पी रखी है, तो उसे गाड़ी चलाने से प्यार से लेकिन सख़्ती से रोकिए।
नंबर प्लेट – वाहन की पहचान
बिना नंबर प्लेट वाहन चलाना गंभीर अपराध है। नंबर प्लेट गाड़ी का आधार कार्ड होती है, जिससे अपराधियों की पहचान संभव हो पाती है।बिना नंबर प्लेट वाहन पूरे समाज की सुरक्षा के लिए खतरा बन जाता है।
लाइसेंस के बिना गाड़ी – नहीं, बिल्कुल नहीं
अगर घर में कोई किशोर बिना लाइसेंस है, तो उसे वाहन की चाबी देना भी गलत है। बिना ट्रेनिंग और लाइसेंस वाहन चलाना गैरकानूनी भी है और जानलेवा भी।
स्टंट और तेज़ रफ्तार पर सख़्त रोक
अगर कोई तेज़ गाड़ी चलाता है या स्टंट करता है, तो उससे कहिए “रफ्तार रोमांच देती है,लेकिन जान भी ले लेती है।”सड़क स्टंट के लिए नहीं, सुरक्षित सफ़र के लिए बनी है।
‘राह-वीर’ बनें – सड़क के सच्चे हीरो
अगर आप किसी सड़क हादसे में घायल व्यक्ति की मदद करते हैं,तो पुलिस आपको कभी परेशान नहीं करती।
‘राह-वीर योजना’ के तहत घायल को समय पर अस्पताल पहुँचाने वाले नेक इंसान को ₹25,000 नकद इनाम और सम्मान दिया जाता है।
मेरी आपसे एक खास उम्मीद
बड़े आपकी बात इसलिए मानते हैं, क्योंकि वे आपसे दिल से प्यार करते हैं।
जब आप कहते हैं
“मैं चाहता/चाहती हूँ कि आप सुरक्षित रहें, क्योंकि मैं आपसे बहुत प्यार करता/करती हूँ,”तो उन्हें समझ आता है कि
ट्रैफिक नियम सिर्फ कानून नहीं,एक खुशहाल और सुरक्षित जीवन की चाबी हैं।
आइए, मिलकर संकल्प लें
अपने शहर की सड़कों को सुरक्षित, संवेदनशील और जिम्मेदार बनाएं। मुझे पूरा विश्वास है कि मेरे ये नन्हे सिपाही अपनी सुरक्षा ड्यूटी पूरी ईमानदारी और साहस के साथ निभाएंगे।
सुरक्षित रहें,नियम अपनाएं और दूसरों की सुरक्षा का भी ख़याल रखें।
