बाल आयोग की सख्त अनुशंसा: काउंसलर, डॉक्टर और सफाई कर्मी जरूरी
मानसिक स्वास्थ्य पर फोकस, आयोग ने दिए सख्त निर्देश
शिक्षा ठीक, लेकिन सुरक्षा जरूरी—डॉ वर्णिका शर्मा
नए सत्र में होगा अंबागढ़ चौकी एकलव्य का पृथक्करण
केंद्रीय एकलव्य आवासीय विद्यालय, अंबागढ़ चौकी में हाल के दिनों में घटित एक गंभीर घटना में विद्यालय की 11वीं कक्षा की 16 वर्षीय आदिवासी छात्रा द्वारा आत्महत्या के प्रयास की सूचना प्राप्त हुई थी। समय पर उपचार उपलब्ध कराए जाने के कारण छात्रा की स्थिति स्थिर है तथा वर्तमान में वह अपने घर पर सुरक्षित है और खतरे से बाहर है। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व मात्र 6 दिन पहले 10वीं कक्षा की एक अन्य छात्रा द्वारा भी इसी प्रकार का प्रयास किया गया था। 6 दिनों के अंतराल में घटित इन दो घटनाओं ने छात्र-छात्राओं की सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य एवं छात्रावास व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता को रेखांकित किया है।
घटना की जानकारी मिलते ही बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा तत्काल संज्ञान लेते हुए पत्र जारी किया गया तथा जांच समिति को आवश्यक निर्देश प्रदान किए गए। प्राप्त प्रतिवेदन के अनुसार विद्यालय में 250 सीटर बालक छात्रावास एवं 250 सीटर कन्या छात्रावास संचालित हैं, जबकि वर्तमान में कुल 754 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत एवं निवासरत हैं। छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आयोग द्वारा निर्देशित किया गया कि बालक एवं कन्या छात्रावासों को प्राथमिकता के आधार पर तत्काल अलग-अलग भवनों में स्थानांतरित करने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
निर्देश जारी किए जाने के पश्चात बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्षा डॉ. वर्णिका शर्मा द्वारा 4 फरवरी को अंबागढ़ चौकी में गठित जांच टीम के साथ विभागीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें जांच के दौरान पाई गई त्रुटियों, कारणों एवं वर्तमान स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि आगामी शैक्षणिक सत्र से मोहला एवं मानपुर के छात्रावासों को पृथक किया जाएगा। इसके उपरांत आयोग अध्यक्षा द्वारा एकलव्य विद्यालय परिसर का स्थल निरीक्षण भी किया गया।
निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों के निवास के कारण स्वच्छता व्यवस्था पर गंभीरता से प्रभावित हुई है। हालांकि, आदिवासी क्षेत्रों से आए बच्चों की शिक्षा की गुणवत्ता पर इसका प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा है तथा छात्र-छात्राएं शैक्षणिक रूप से संतोषजनक प्रदर्शन कर रहे हैं।
आयोग अध्यक्षा द्वारा हाइजीन, मानसिक स्थिरता एवं सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए। हॉस्टल में स्वच्छता व्यवस्था बढ़ाने, बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए नियमित काउंसलिंग, समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण तथा बालिकाओं के लिए गायनेकोलॉजिस्ट की व्यवस्था सुनिश्चित करने की आवश्यकता बताई गई। साथ ही फिनायल जैसे रसायनों को बच्चों की पहुंच से दूर रखने एवं वार्डन को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए। बच्चों को जीवन मूल्यों, नैतिक मूल्यों एवं संवाद के माध्यम से अपनी भावनाएं व्यक्त करने हेतु मार्गदर्शन देने पर भी विशेष जोर दिया गया। बैठक एवं निरीक्षण के दौरान मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी के SDM, ACTW, DPO, PO–MIC, तहसीलदार, BEO, ADM, DSP (SJPU), CWC विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्षा डॉ वर्णिका शर्मा द्वारा कलेक्टर को अनुशंसा प्रेषित की जा रही है, जिसमें रिक्त पदों के विरुद्ध 4 काउंसलर, चिकित्सक एवं अतिरिक्त सफाई कर्मियों की नियुक्ति सुनिश्चित करने का प्रस्ताव शामिल है। साथ ही छात्रावासों के पृथक्करण एवं निगरानी व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने पर बल दिया गया है। साथ ही बालिकाओं या बालकों के साथ किसी भी प्रकार की शारीरिक अथवा मानसिक प्रताड़ना आगे ना हो इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए वरना आयोग क्रूरता को धारा 75 के तहत कार्यवाही करने को बाध्य होगा। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि संसाधनों की सीमाओं के बावजूद विद्यालय में बच्चों की शैक्षणिक प्रगति सराहनीय है। आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाते हुए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी छात्र-छात्राएं सुरक्षित, स्वस्थ एवं सकारात्मक वातावरण में शिक्षा ग्रहण कर सकें।


