झगड़ाखांड से खोंगापानी तक सड़क बदहाल, नल-जल पाइपलाइन के गड्ढों से बढ़ा हादसों का खतरा
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी)।झगड़ाखांड से लेकर खोंगापानी तक की मुख्य सड़क इन दिनों बदहाल स्थिति में पहुंच गई है। नल-जल योजना के तहत पाइपलाइन विस्तार के लिए सड़क के दोनों किनारों पर किए गए गड्ढों के कारण पूरी सड़क जगह-जगह से उखड़ गई है। परिणामस्वरूप राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, यह मार्ग घनी आबादी वाला क्षेत्र है और कोयलांचल इलाका होने के कारण यहां से प्रतिदिन सैकड़ों छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। मरीजों को अस्पताल ले जाने के लिए भी यही मुख्य रास्ता है। सड़क पर बने गड्ढों और उखड़े हिस्सों की वजह से अब तक कई छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं हो चुकी हैं।
धूल से स्वास्थ्य पर खतरा
सड़क की खुदाई और मरम्मत में हो रही देरी के कारण पूरे क्षेत्र में धूल का गुबार उड़ रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि धूल के कारण सांस और एलर्जी संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को अधिक परेशानी हो रही है।
अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप
लोगों का आरोप है कि संबंधित विभाग के अधिकारी केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित हैं। जमीनी स्तर पर कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की निगरानी नहीं की जा रही है। जबकि कार्य के दौरान यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा या खतरा न हो।
वहीं एसईसीएल के अधिकारियों का कहना है कि जब तक नल-जल योजना का कार्य पूर्ण नहीं हो जाता, तब तक सड़क की मरम्मत संभव नहीं है। इस बयान से लोगों में और नाराजगी बढ़ गई है।
कछुए की चाल से काम, बढ़ता जा रहा जोखिम
जानकारों का मानना है कि कार्य अत्यंत धीमी गति से चल रहा है। यदि जल्द ही गड्ढों की समुचित भराई और सड़क की मरम्मत नहीं की गई, तो किसी बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि कार्य में तेजी लाई जाए, अस्थायी रूप से सड़क को समतल किया जाए और धूल नियंत्रण के लिए पानी का नियमित छिड़काव कराया जाए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।
राजेश सिन्हा,8319654988
