जिला स्तरीय ‘विकसित भारत युवा संसद 2026’ का भव्य आयोजन
विषय: आपातकाल के 50 वर्ष – भारतीय लोकतंत्र के लिए सबक
मनेन्द्रगढ़। शासकीय विवेकानन्द स्नातकोत्तर महाविद्यालय, मनेन्द्रगढ़ (जिला-एमसीबी) में भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, माय भारत (MY Bharat) एवं राष्ट्रीय सेवा योजना, जिला-एमसीबी के तत्वावधान में “विकसित भारत युवा संसद 2026” का जिला स्तरीय आयोजन गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का विषय था – “आपातकाल के 50 वर्ष: भारतीय लोकतंत्र के लिए सबक”।
इस आयोजन में 18 से 25 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने माय भारत पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन एवं ऑफलाइन पंजीयन कर अपनी सहभागिता सुनिश्चित की।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती, स्वामी विवेकानन्द एवं छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्रों के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं माल्यार्पण से हुआ। उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती यशवती सिंह पैकरा उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. श्राबनी चक्रवर्ती ने की। विशिष्ट अतिथियों में नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती प्रतिमा यादव, जनभागीदारी समिति अध्यक्ष श्री विरेन्द्र सिंह राणा, विधायक प्रतिनिधि श्री महेन्द्रपाल सिंह सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं निर्णायक मंडल के सदस्य उपस्थित रहे।
स्वयंसेवकों के स्वागत नृत्य के उपरांत प्राचार्य प्रो. श्राबनी चक्रवर्ती ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि ऐसे बौद्धिक आयोजन विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, तार्किक चिंतन एवं लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता विकसित करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को संविधान की मूल भावना को आत्मसात कर जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश दिया।
मुख्य अतिथि श्रीमती यशवती सिंह पैकरा ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती युवाओं की जागरूकता और सक्रिय सहभागिता पर निर्भर करती है। उन्होंने आपातकाल को भारतीय इतिहास का महत्वपूर्ण अध्याय बताते हुए कहा कि यह कालखंड संविधान और मौलिक अधिकारों की रक्षा के प्रति सजग रहने की सीख देता है।
नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती प्रतिमा यादव ने राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। जनभागीदारी समिति अध्यक्ष श्री विरेन्द्र सिंह राणा ने कहा कि आपातकाल का इतिहास संवाद, पारदर्शिता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के महत्व को रेखांकित करता है। विधायक प्रतिनिधि श्री महेन्द्रपाल सिंह ने युवाओं को विकसित भारत के लक्ष्य की ओर अग्रसर होने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के अगले चरण में डॉ. नसीमा बेगम अंसारी ने पीपीटी प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बताया कि जिले से चयनित पांच उत्कृष्ट प्रतिभागियों को राज्य स्तरीय मंच पर प्रतिनिधित्व का अवसर मिलेगा।
युवा संसद की कार्यवाही ‘वंदे मातरम्’ के गायन से प्रारंभ हुई। सहायक प्राध्यापक श्री कमलेश कुमार पटेल ने स्पीकर की भूमिका का प्रभावशाली निर्वहन किया। पक्ष एवं विपक्ष के प्रतिभागियों ने आपातकाल के ऐतिहासिक संदर्भ, संवैधानिक मर्यादाओं और लोकतंत्र पर उसके प्रभाव पर तार्किक एवं सारगर्भित विचार रखे।
निर्णायक मंडल द्वारा निष्पक्ष मूल्यांकन के पश्चात परिणाम घोषित किए गए-प्रथम स्थान: साक्षी दुबे (आर.एन.एस. शिक्षा महाविद्यालय, मनेन्द्रगढ़) द्वितीय स्थान: जया शर्मा (शासकीय विवेकानन्द स्नातक महाविद्यालय, मनेन्द्रगढ़) तृतीय स्थान: शालिनी विश्वकर्मा (शासकीय विवेकानन्द स्नातक महाविद्यालय, मनेन्द्रगढ़) चतुर्थ स्थान: साक्षी गुप्ता (शासकीय नवीन महाविद्यालय, केल्हारी) पंचम स्थान: अनिशा शर्मा (शासकीय विवेकानन्द स्नातक महाविद्यालय, मनेन्द्रगढ़)
समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। तत्पश्चात सभी प्रतिभागियों एवं अतिथियों को प्रमाण पत्र एवं प्रतीक चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। अंत में प्रभारी अधिकारी श्री भीमसेन भगत ने आभार व्यक्त किया।
यह आयोजन युवाओं में लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूकता और संवैधानिक समझ विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।
राजेश सिन्हा,8319654988







