राज्यपाल पुरस्कृत शिक्षिका श्रीमती अनिता मंदिलवार ‘सपना’ बनीं शिक्षा और साहित्य की प्रेरणास्रोत, कायस्थ समाज का गौरव
अंबिकापुर/सरगुजा (छत्तीसगढ़)।अंबिकापुर की प्रख्यात शिक्षिका, साहित्यकार और समाजसेविका श्रीमती अनिता मंदिलवार ‘सपना’ ने शिक्षा और साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल कर न केवल सरगुजा संभाग बल्कि पूरे प्रदेश को गौरवान्वित किया है। राज्यपाल पुरस्कार 2025 से सम्मानित श्रीमती मंदिलवार वर्तमान में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय असोला, अंबिकापुर में व्याख्याता (जीवविज्ञान) के पद पर पदस्थ हैं।
वनस्पति शास्त्र, हिन्दी साहित्य और अंग्रेजी साहित्य में स्नातकोत्तर, बी.एड एवं पीजीडीसीए जैसी उच्च शैक्षणिक योग्यता के साथ उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार की मिसाल पेश की है। “पढ़ई तुहर दुआर” योजना के अंतर्गत ऑनलाइन कक्षाओं का सफल संचालन करते हुए उन्होंने प्रदेश के अनेक जिलों के विद्यार्थियों को लाभान्वित किया। ऐसे विद्यालयों के छात्र भी उनकी ऑनलाइन कक्षाओं से जुड़े जहाँ संबंधित विषय के शिक्षक उपलब्ध नहीं थे।
शिक्षा में नवाचार और उपलब्धियाँ
श्रीमती मंदिलवार को शिक्षा में नवाचार के लिए टीचर इनोवेशन अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है। एससीईआरटी, समग्र शिक्षा एवं रूम टू रीड के सहयोग से उन्होंने कक्षा 5 से 12 तक की पुस्तकों का स्थानीय भाषा में अनुवाद किया तथा बाल साहित्य लेखन कार्यशालाओं में सक्रिय भूमिका निभाई। स्टोरी वीवर पर कक्षा 1 से 5 तक के लिए कहानियों का अनुवाद एवं स्वरचित बाल कहानियों का प्रकाशन भी किया है।
उन्होंने 26 वर्ष पूर्व आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों के लिए विद्यालय की स्थापना कर निःशुल्क एवं अल्प शुल्क में शिक्षा प्रदान की। आज भी अनेक बच्चों को निशुल्क ट्यूशन एवं आर्थिक सहयोग देकर शिक्षा के प्रति जागरूक कर रही हैं।
साहित्य और आकाशवाणी में सक्रिय भूमिका
श्रीमती मंदिलवार विगत लगभग 25 वर्षों से आकाशवाणी अंबिकापुर के लोकप्रिय कार्यक्रम “घर आँगन” में कम्पीयरिंग कर रही हैं। लगभग 30 रेडियो नाटक, 20 रेडियो रूपक और अनेक कहानियाँ व कविताएँ लिख चुकी हैं, जिनका प्रसारण आकाशवाणी और दूरदर्शन से हुआ है। 11 एकल काव्य संकलन और 1000 से अधिक साझा संकलनों में उनकी रचनाएँ प्रकाशित हो चुकी हैं। उन्होंने “सपना छंद” और “सपना सवैया” जैसे नए छंदों का भी सृजन किया है।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मान
उन्हें इंटरनेशनल आइकन अवार्ड 2020 सहित दोहा (कतर) की साहित्यिक संस्था द्वारा पाँच बार सम्मानित किया गया है। राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगभग 700 से अधिक सम्मान प्राप्त कर चुकी हैं। गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स, इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स सहित विभिन्न विश्व रिकॉर्ड पुस्तकों में उनकी रचनाएँ शामिल की गई हैं।
विद्यार्थियों को दिलाई नई ऊँचाइयाँ
उनके मार्गदर्शन में छात्रों ने राष्ट्रीय विज्ञान प्रदर्शनी, एनसीईआरटी फोक डांस, रोल प्ले तथा युवा महोत्सव में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रथम एवं द्वितीय स्थान प्राप्त किए। राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस और इंस्पायर अवार्ड में भी मार्गदर्शक शिक्षिका के रूप में सराहनीय योगदान दिया है।
श्रीमती अनिता मंदिलवार ‘सपना’ शिक्षा, साहित्य और समाज सेवा के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहते हुए नई पीढ़ी को ज्ञान, संस्कार और रचनात्मकता की दिशा दे रही हैं। उनकी उपलब्धियाँ न केवल सरगुजा बल्कि पूरे प्रदेश और कायस्थ समाज के लिए गर्व का विषय हैं।
राजेश सिन्हा,8319654988
