महारानी दुर्गावती का बलिदान दिवस आत्मगौरव एवं स्वाभिमान दिवस के रूप में मनाया गया
राजेश सिन्हा 8319654988
मनेंद्रगढ़। गढ़ मंडला की वीरांगना और गोंड राजवंश की गौरवशाली महारानी का 462वां बलिदान दिवस मंगलवार को ग्राम डंगौरा में आत्मगौरव एवं स्वाभिमान दिवस के रूप में श्रद्धापूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महारानी दुर्गावती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।
मुख्य अतिथि पूर्व विधायक ने उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए महारानी दुर्गावती के जीवन एवं बलिदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि शक्ति, साहस, वीरता और स्वाभिमान की प्रतीक महारानी दुर्गावती का जन्म 5 अक्टूबर 1524 को कालिंजर में हुआ था। वे बचपन से ही युद्धकला, घुड़सवारी और प्रशासनिक दक्षता में निपुण थीं। मुगल सम्राट अकबर की अधीनता स्वीकार करने के बजाय उन्होंने संघर्ष का मार्ग चुना और मातृभूमि की रक्षा करते हुए वीरगति प्राप्त की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता सर्व आदिवासी समाज जिला मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के अध्यक्ष ने की। उन्होंने महारानी दुर्गावती को देश की आन-बान-शान और स्वाभिमान की रक्षा करने वाली महान योद्धा बताते हुए कहा कि उनके आदर्श आज भी समाज को राष्ट्रसेवा और सामाजिक उत्थान के लिए प्रेरित करते हैं।
विशिष्ट अतिथि एवं समाजसेवी ने कहा कि महारानी दुर्गावती शस्त्र और शास्त्र दोनों विद्याओं में पारंगत थीं। उन्होंने महिलाओं के सम्मान, न्याय और अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष का मार्ग अपनाया। उन्होंने वर्तमान समय में जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए समाज को संगठित होकर आगे आने का आह्वान किया।
इस अवसर पर समाज द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। शैक्षिक प्रतिभा सम्मान के तहत कुमारी शालिनी सिंह (सिरौली) एवं कुमारी उमा देवी (भौता) को सम्मानित किया गया। कृषि अर्थशास्त्र में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त करने पर डॉ. श्वेता सिंह तथा एमबीबीएस की उपाधि प्राप्त करने पर डॉ. दिव्या सिंह को सम्मान प्रदान किया गया। वहीं रानी दुर्गावती गौरव सम्मान श्रीमती कृष्णा सिंह तथा स्वर्गीय शेषमणि सिंह उइके जनसेवा सम्मान श्री हीरा सिंह को प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में स्वागत भाषण ब्लॉक अध्यक्ष अमोल सिंह मरावी ने दिया, जबकि आभार प्रदर्शन सचिव ब्रह्मा सिंह द्वारा किया गया। कार्यक्रम का संचालन नभाग सिंह एवं श्रीमती कौशल्या सिंह ने किया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में समाज के पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं सैकड़ों ग्रामीणों की सक्रिय सहभागिता रही। उपस्थित लोगों ने महारानी दुर्गावती के आदर्शों पर चलने तथा समाज और राष्ट्र के विकास में योगदान देने का संकल्प लिया।
खबर जागरण न्यूज (देश की आवाज) एमसीबी

