स्वास्थ्य से खिलवाड़ नहीं होगा: छत्तीसगढ़ में भ्रामक डेयरी एनालॉग उत्पादों पर प्रतिबंध लागू
राजेश सिन्हा,8319654988
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेशवासियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए भ्रामक डेयरी एनालॉग (Dairy Analog) उत्पादों के निर्माण, प्रसंस्करण, भंडारण, परिवहन, वितरण और विक्रय पर प्रतिबंध लागू कर दिया है।
राज्य सरकार के अनुसार ऐसे उत्पाद, जो वास्तविक दुग्ध उत्पाद नहीं हैं, लेकिन अपनी पैकेजिंग, लेबलिंग या प्रस्तुति के माध्यम से उपभोक्ताओं को दूध अथवा दुग्ध उत्पाद होने का भ्रम पैदा करते हैं, अब प्रतिबंधित रहेंगे।
सरकार का कहना है कि कई गैर-दुग्ध उत्पाद बाजार में दूध, पनीर, घी या अन्य डेयरी उत्पादों की तरह प्रस्तुत किए जाते हैं, जिससे उपभोक्ता भ्रमित होकर उनकी खरीद कर लेते हैं। ऐसे उत्पादों पर रोक लगाने का उद्देश्य लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा करना और खाद्य गुणवत्ता सुनिश्चित करना है।
यह निर्णय खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के तहत लिया गया है। सरकार का मानना है कि इससे बाजार में भ्रामक खाद्य उत्पादों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित होगा तथा उपभोक्ताओं को सुरक्षित और मानक गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराए जा सकेंगे।
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रदेशवासियों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य बिंदु –
भ्रामक डेयरी एनालॉग उत्पादों पर प्रदेशभर में प्रतिबंध।निर्माण से लेकर बिक्री तक सभी गतिविधियां प्रतिबंधित।उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य और खाद्य गुणवत्ता की सुरक्षा पर सरकार का जोर।खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कार्रवाई।
खबर जागरण न्यूज(देश की आवाज)
