एमसीबी में पहली बार शुरू हुआ “परिवार परामर्श केन्द्र”, दो पुराने पारिवारिक विवादों का हुआ त्वरित निराकरण
मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी)।जिला गठन के लगभग चार वर्षों बाद एमसीबी पुलिस ने एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील पहल करते हुए “परिवार परामर्श केन्द्र” की शुरुआत की है। पुलिस अधीक्षक श्रीमती रत्ना सिंह के निर्देश पर शुरू किए गए इस केन्द्र में पहले ही दिन दो लंबित पारिवारिक प्रकरणों का सफलतापूर्वक निराकरण किया गया।
अब तक जिले में प्राप्त पारिवारिक विवादों से जुड़े मामलों को बैकुण्ठपुर परिवार परामर्श केन्द्र भेजा जाता था, जिससे पीड़ित पक्षों को अनावश्यक परेशानी और समय की हानि उठानी पड़ती थी। इसे देखते हुए एसपी रत्ना सिंह ने जिले में ही एक विशेष टीम गठित कर पारिवारिक मामलों के त्वरित निपटारे के निर्देश दिए। 14 फरवरी 2026 को औपचारिक रूप से काउंसलिंग प्रक्रिया प्रारंभ की गई।
पहले दिन पहुंचे दो मामले
परिवार परामर्श केन्द्र में प्रथम दिवस कुल दो मामले प्राप्त हुए।पहला मामला थाना मनेन्द्रगढ़ क्षेत्र का था, जो ससुर और बहू के बीच लगभग 3-4 वर्षों से चल रहे विवाद से संबंधित था। काउंसलिंग टीम ने दोनों पक्षों को धैर्यपूर्वक सुना और आपसी समझाइश के माध्यम से विवाद का निराकरण कराया।
दूसरा मामला थाना झगराखांड क्षेत्र से पति-पत्नी के बीच चल रहे विवाद का था। बताया गया कि पति की शराब की लत के कारण दो वर्षों से लगातार पारिवारिक कलह हो रही थी। पत्नी प्रताड़ना से परेशान होकर अलग रहने की इच्छा जता रही थी। काउंसलरों ने गंभीरता से दोनों पक्षों की बातें सुनकर पति को नशा छोड़ने, परिवार की जिम्मेदारी निभाने और बच्चे की शिक्षा के लिए प्रयास करने की सलाह दी। एक माह का समय दिया गया, जिस पर पत्नी ने पति एवं सास के साथ रहने की सहमति प्रदान की।
काउंसलिंग के दौरान भावुक क्षण
काउंसलिंग के दौरान एक मार्मिक दृश्य भी देखने को मिला। वरिष्ठ अधिवक्ता एवं काउंसलर श्री विशोख खरे ने तीन वर्षीय बालक से स्नेहपूर्वक बातचीत कर उसकी इच्छा जानी। मासूम बच्चे ने कहा, “मां अच्छी है, मैं मां के साथ जाऊंगा।” बच्चे की बात सुनकर दोनों पक्ष भावुक हो गए और आपसी सहमति से घर लौटे।
यहां करें आवेदन
पारिवारिक विवाद से संबंधित आवेदन अब परिवार परामर्श केन्द्र एमसीबी में, थाना सिटी कोतवाली मनेन्द्रगढ़ के बगल स्थित अजाक प्रकोष्ठ कार्यालय में प्रस्तुत किए जा सकते हैं।
एमसीबी पुलिस की इस पहल को सामाजिक दृष्टि से एक सकारात्मक और सराहनीय कदम माना जा रहा है, जिससे परिवारों को समय रहते संवाद और समझाइश के माध्यम से टूटने से बचाया जा सकेगा।
राजेश सिन्हा (संवाददाता) 8319654988

