गांधी एवं शास्त्री जयंती पर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी मनेंद्रगढ़ शहर ने किया महापुरुषों को नमन, श्रमिकों का सम्मान
राजेश सिन्हा,8319654988
मनेंद्रगढ़। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी एवं देश के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती के अवसर पर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी मनेंद्रगढ़ शहर के नेतृत्व में संयुक्त रूप से जयंती समारोह श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया।
इस अवसर पर हजारी चौक के सामने स्थापित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके राष्ट्र के प्रति योगदान को याद किया गया। कार्यक्रम के दौरान श्रमिकों का सम्मान भी किया गया।
कार्यक्रम में कांग्रेसजनों ने महात्मा गांधी जी के सत्य, अहिंसा, स्वच्छता, सद्भाव एवं समानता के विचारों तथा लाल बहादुर शास्त्री जी के सादगी, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और “जय जवान, जय किसान” के संदेश को स्मरण किया।
जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव ने कहा कि महात्मा गांधी जी ने सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलकर देश को स्वतंत्रता की दिशा में नेतृत्व प्रदान किया, वहीं लाल बहादुर शास्त्री जी ने सादगी, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल कायम की। दोनों महापुरुषों का जीवन देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों का सम्मान उनके श्रम और योगदान के प्रति सम्मान व्यक्त करने का माध्यम है।
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी मनेंद्रगढ़ शहर के अध्यक्ष सौरव मिश्रा ने कहा कि महात्मा गांधी जी और लाल बहादुर शास्त्री जी के विचार आज भी समाज और देश को दिशा देने वाले हैं। गांधी जी ने सत्य और अहिंसा का मार्ग दिखाया, वहीं शास्त्री जी ने सादगी, अनुशासन और राष्ट्रसेवा का आदर्श प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि गांधी जी के श्रम की गरिमा और अंतिम व्यक्ति के सम्मान के विचार को आगे बढ़ाते हुए श्रमिकों का सम्मान किया गया।
रफीक मेमन एवं सुरेंद्र पाल माखीजा ने संयुक्त रूप से कहा कि महात्मा गांधी जी ने सत्य और अहिंसा के माध्यम से देश को नई दिशा दी। वहीं लाल बहादुर शास्त्री जी ने अपने सरल जीवन और राष्ट्र के प्रति समर्पण से देशवासियों को प्रेरित किया। दोनों महापुरुषों के विचार समाज में प्रेम, भाईचारे और समानता की भावना को मजबूत करते हैं।
बलबीर सिंह एवं चुन्नू त्रिपाठी ने संयुक्त रूप से कहा कि गांधी जी और शास्त्री जी ने समाज के हर वर्ग के सम्मान और देशहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। श्रमिक हमारे समाज और देश की प्रगति की मजबूत नींव हैं। उनका सम्मान करना उनके योगदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना है।
रूमा चटर्जी एवं निर्मला चतुर्वेदी ने संयुक्त रूप से कहा कि गांधी जी के सत्य, अहिंसा और स्वच्छता के विचार तथा शास्त्री जी की सादगी, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा आज भी हम सभी के लिए मार्गदर्शक हैं। हमें इन महापुरुषों के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का प्रयास करना चाहिए।
राजकुमार जैन एवं अमित पूरी ने संयुक्त रूप से कहा कि गांधी जी ने देश को एकता, भाईचारे और अहिंसा का संदेश दिया, जबकि शास्त्री जी ने अपने कर्म और आचरण से राष्ट्रसेवा की मिसाल प्रस्तुत की। आज आवश्यकता है कि हम उनके आदर्शों को अपनाकर सामाजिक एकता और सद्भाव को मजबूत करें।
रुक्मणी खोपरागढ़े एवं दीपक श्रीवास्तव ने संयुक्त रूप से कहा कि गांधी जी और शास्त्री जी का जीवन त्याग, सादगी, संघर्ष और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देता है। उन्होंने हमेशा देश और समाज के हित को प्राथमिकता दी।
शरण सिंह एवं टी पी सिंह ने गांधी जयंती एवं शास्त्री जयंती के अवसर पर श्रमिकों का सम्मान महापुरुषों के विचारों के प्रति सम्मान की अभिव्यक्ति है।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से रवि जैन, गोपाल गुप्ता, नीलिमा श्यामल, अभिषेक वर्मा, व्यंकटेश सिंह, स्नेहिल शुक्ला, शुभम सिंह, भावेश जैन, ममता रजक, अजीत सिंह, रामगोपाल यादव, संजय यादव, के.डी., संतोष वर्मा, चंद्रमणि, देव, कृष्ण चौधरी, सुलेमान खान, साबिर खान एवं सोनू गुप्ता सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित कांग्रेसजनों ने महात्मा गांधी जी के सत्य एवं अहिंसा तथा लाल बहादुर शास्त्री जी के सादगी, ईमानदारी एवं राष्ट्रसेवा के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
खबर जागरण न्यूज (देश की आवाज)

