दुर्गा पंडाल में आयोजित संगीत संध्या में संगीत कलाकारों की शानदार प्रस्तुति
(संबोधन साहित्य कला विकास संस्थान के आयोजन ने बिखेरे रंग)
मनेंद्रगढ़ :- मनेन्द्रगढ़, नदी पर दुर्गा पंडाल पर संबोधन साहित्य एवं कला विकास संस्थान मनेन्द्रगढ़ द्वारा दशहरा की शाम को आयोजित ” संगीत संध्या” ” की सुरमई शाम मनेन्द्रगढ़ के संगीत प्रेमियों के लिए एक यादगार शाम साबित हो गई जब बैकुंठपुर के गायक सचिन गुप्ता ने अपने सुरीले अंदाज में, ” तारों पर सज के अपने सूरज से, देखो धरती चली मिलने” गीत से कार्यक्रम का आगाज किया। ऐसे ही कार्यक्रम की अगली गजल प्रस्तुति “चांदी जैसा रंग है तेरा सोने जैसे बाल” का जब आलाप लेना शुरू किया तब दुर्गा पूजा के दर्शन को जाते श्रद्धालुओं के कदम रुक गए और गजल के आकर्षण में बंधे कला प्रेमी स्वभावत: कार्यक्रम की ओर चल पड़े। गीत गजलों का यह आकर्षण संबोधन संस्थान के संगीत संध्या का आधार है और ऐसे आयोजन से कलाकारों को ऊंचाइयों तक पहुंचाने में संस्था सफल रही है।
बीरेन्द्र कुमार श्रीवास्तव एवं गायक कलाकार वेद पांडे के साझा संचालन में इस कार्यक्रम का शुभारंभ संगीत की देवी मां सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्वलन से प्रारंभ हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय नीरज अग्रवाल एवं माननीय डा. के पी पटेल और सरदार गुरुचरण सिंह के साथ उपस्थित कलाकारों द्वारा धूप दीप प्रज्वलन कर माता से कार्यक्रम की सफलता के लिए आशीर्वाद मांगा गया। शाम 8:00 से प्रारंभ इस कार्यक्रम की शुरुआत राग यमन में बंधी गणेश वंदना एवं देवी स्तुति से प्रारंभ हुआ। सरगुजा अंचल के चर्चित कलाकार रमेश गुप्ता के साथ जब संगत कर रहे तबला वादक शुभम गुप्ता ने गणेश वंदना के बाद भोजपुरी लोकगीत “पटना से बैदा बुलाई दा नजरा गईंली गुईंया” शुरू किया तब श्रोताओं के हाथ गायक के साथ सुर मिलाते नजर आए और कार्यक्रम का भरपूर आनंद लिया। ढोलक पर प्रहलाद सोनी एवं गिटार पर सी. बी. बक्श एवं नन्हे कलाकार ध्रुव सोनी के घूमते हाथों ने गायक रमेश गुप्ता के गीतों को ऊंचाइयों तक पहुंचा दिया।
कोयलांचल क्षेत्र के चर्चित कलाकार अखिल मिश्रा एवं अवनीश मिश्रा की गजल “मैं हवा हूं कहां वतन मेरा” की प्रस्तुति पर श्रोताओं ने तालियों के करतल ध्वनि से उनके प्रस्तुति की सराहना की। तबले पर संगत कर रहे कमलेश गुप्ता की थाप जब तबले पर पड़ती तब यह साबित हो जाता है कि कोयला खदानों में केवल कोयला ही नहीं ऐसे हीरे जैसे कलाकार भी निकलते हैं। भजन और देवी गीतों की यह श्रृंखला काफी देर तक लोगों को सुर ताल में बांधे रखने में सफल रही।
शास्त्री गायन की प्रस्तुति पारखी नजरों से जब गुजरती है तब सही कलाकार का मूल्यांकन हो पता है । ऐसे ही कई मंचों पर अपनी प्रस्तुति के लिए चर्चित कलाकार सरदार हरमहेंद्र सिंह ने “गरज बरस प्यासी धरती को पानी दे ऐ मौला” प्रस्तुति से पूरे मंच को बांध दिया। जगजीत सिंह की गजलों की प्रस्तुति के लिए चर्चित हरमहेंद्र सिंह ने जब ” मेरा जीवन तेरी शरण” अपनी आवाज में प्रस्तुत किया तब लोगों को ऐसा लगा मानो मंच पर हम स्वयं जगजीत सिंह को सुन रहे हैं। तबले पर संगत दे रहे प्रहलाद सोनी की प्रतिभा का रंग उनके सधे हुए संगत पर दिखाई दिया।
देर रात तक चलते इस कार्यक्रम को बांधे रखने में स्थानीय कलाकारों की मुख्य भूमिका रही है जिसमें शैलेश जैन ने “कहीं दूर जब दिन ढल जाए सांझ की दुल्हन बदन चुराए” जैसे गीत के माध्यम से लोगों को बांधे रखा। इसी बीच शर्मा बंधु के नाम से चर्चित कलाकार नरोत्तम शर्मा एवं गौतम शर्मा के गीत “किसी को किसी से प्यार हो जाए और ए जिंदगी गले लगा ले” जैसे गीतों की प्रस्तुति ने पूरे मंच को तालियां बजाने के लिए बाध्य कर दिया। नवरात्रि के पर्व पर माता को याद करने के लिए आनंद अग्रवाल ने नवरात्रि के अनुकूल “तूने मुझे बुलाया शेरा वालिए” जैसा गीत प्रस्तुत कर पूरे दर्शकों को जोश से भर दिया। कार्यक्रम को ऊंचाइयों तक पहुंचाने में कलाकार वेद पांडे, मुकेश गुप्ता की प्रस्तुतियों ने पूरे मंच को समापन का एक ऊंचा शिखर प्रदान किया
कार्यक्रम समापन के पूर्व कलाकारों को मुख्य अतिथि माननीय नीरज अग्रवाल जी के साथ-साथ संस्था अध्यक्ष अनिल जैन उपाध्यक्ष पुष्कर तिवारी डॉ विनोद पांडे ने प्रत्येक कलाकारों को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए नीरज अग्रवाल जी ने कहा कि संबोधन साहित्य एवं कला विकास संस्थान मनेन्द्रगढ़ अपने स्थापना के 50 वर्ष में साहित्य एवं कला के साथ-साथ पर्यावरण के क्षेत्र में कई कीर्तिमान स्थापित किए हैं। नर्मदा को बचाने और पर्यटन तथा नागपुर चिरमिरी नए रेल विस्तार में संस्था की अग्रणी भूमिका रही है। आज अपने 50 वें स्थापना वर्ष के द्वितीय चरण में आयोजित संगीत संध्या का आयोजन कर संस्था ने अपनी स्वस्थ सांस्कृतिक परंपरा के को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता को साबित किया है मेरी शुभकामनाएं हैं कि यह संस्था शताब्दी के शिखर तक पहुंचे और अपने स्वस्थ सांस्कृतिक पहचान की दीप को हमेशा प्रज्वलित रखें।
संस्था अध्यक्ष अनिल जैन ने अपने आभार में पूरे मंच के सहयोग में दुर्गा पूजा समिति की टीम और संरक्षक आशीष सिंह तथा नगर पालिका सहित उपाध्यक्ष माननीय धर्मेंद्र पटवा द्वारा कलाकारों के सम्मान हेतु पुष्प गुच्छ उपलब्ध कराने और कार्यक्रम में उपस्थिति के लिए उनके प्रति आभार व्यक्त किया, उन्होंने संबोधन संस्थान के नरेंद्र श्रीवास्तव, पुष्कर तिवारी , कार्यक्रम संचालक बीरेन्द्र श्रीवास्तव एवं वेद पांडे, निरंजन मित्तल, नरोत्तम शर्मा, शैलेश जैन, श्याम सुंदर निगम सहित समस्त उपस्थित सदस्यों के सहयोग के लिए धन्यवाद स्थापित किया उन्होंने विश्वास दिलाया कि हम आगे भी इसी तरह एक सूत्र में संगठित कार्य करते हुए संस्था के प्रत्येक आयोजनों को आगे बढ़ाते रहेंगे। देर रात्रि तक चलते इस कार्यक्रम को नगर के सैकड़ों कला प्रेमी श्रोताओं का भरपूर स्नेह प्राप्त हुआ।
राजेश सिन्हा,8319654988
