जांघ की त्वचा का हाथ में सफल प्रत्यारोपण, सेप्टिक शॉक में पहुंचे युवक को मिला नया जीवन
नेक्रोटाइजिंग फेशियाइटिस का 35 दिनों तक चला सफल उपचार, 220 बिस्तरीय शासकीय अस्पताल मनेंद्रगढ़ ने रचा नया कीर्तिमान
एमसीबी,मनेंद्रगढ़ :- 220 बिस्तरीय शासकीय अस्पताल, मनेंद्रगढ़ के जनरल सर्जरी विभाग ने एक अत्यंत जटिल एवं चुनौतीपूर्ण शल्य चिकित्सा को सफलतापूर्वक अंजाम देकर क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। 35 वर्षीय कैलाश कोल के हाथ में नेक्रोटाइजिंग फेशियाइटिस (Necrotizing Fasciitis) नामक गंभीर संक्रमण हो गया था। संक्रमण तेजी से फैलने के कारण मरीज सेप्टिक शॉक की स्थिति में पहुंच गया था और उसकी जान पर गंभीर संकट मंडरा रहा था।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जनरल सर्जन डॉ. राजीव गुप्ता (एम.एस.) एवं उनकी टीम ने तत्काल आपातकालीन शल्य चिकित्सा कर संक्रमित एवं मृत ऊतकों (डिब्राइडमेंट) को हटाया, जिससे मरीज की जान बचाई जा सकी। इसके बाद लगभग 35 दिनों तक नियमित ड्रेसिंग, संक्रमण नियंत्रण, गहन चिकित्सकीय निगरानी एवं आधुनिक घाव प्रबंधन के माध्यम से उपचार जारी रखा गया।
जब घाव में स्वस्थ ग्रेनुलेशन टिश्यू विकसित हो गया, तब मरीज की जांघ (थाई) से त्वचा लेकर हाथ में स्प्लिट थिकनेस स्किन ग्राफ्टिंग (त्वचा प्रत्यारोपण) की गई। यह प्रत्यारोपण पूरी तरह सफल रहा और मरीज का हाथ सुरक्षित बचा लिया गया। वर्तमान में मरीज पूर्णतः स्वस्थ होकर अस्पताल से छुट्टी प्राप्त कर चुका है।
डॉ. राजीव गुप्ता ने बताया कि नेक्रोटाइजिंग फेशियाइटिस जैसी गंभीर बीमारी में समय पर पहचान, तत्काल सर्जरी और विशेषज्ञ उपचार से मरीज की जान के साथ प्रभावित अंग को भी सुरक्षित बचाया जा सकता है।
यह सर्जरी सुपर स्पेशियलिटी स्तर की मानी जाती है। इसकी सफलता इस बात का प्रमाण है कि अब क्षेत्र के मरीजों को ऐसे जटिल उपचार के लिए बड़े शहरों पर निर्भर रहने की आवश्यकता नहीं है। सीमित संसाधनों में भी अस्पताल उच्चस्तरीय शल्य चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध करा रहा है।
समय पर पहचानें सेल्युलाइटिस, जानलेवा संक्रमण से बचें
डॉ. राजीव गुप्ता ने नागरिकों से अपील की कि शरीर पर किसी भी प्रकार की चोट, कट या खरोंच को हल्के में न लें। यदि चोट लगने के बाद व्यक्ति लंबे समय तक पानी, कीचड़ या खेतों में गीले वातावरण में कार्य करता है, तो संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। ऐसी स्थिति में घाव को तुरंत साफ एवं सूखा रखें तथा आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सकीय सलाह अवश्य लें।
उन्होंने बताया कि सेल्युलाइटिस त्वचा एवं मुलायम ऊतकों का तेजी से फैलने वाला संक्रमण है। इसके प्रमुख लक्षण हैं—
घाव या प्रभावित हिस्से में लालिमा
सूजन
तेज दर्द या छूने पर अधिक दर्द
प्रभावित भाग का गर्म महसूस होना
बुखार या कंपकंपी
इनमें से कोई भी लक्षण दिखाई देने पर तुरंत अस्पताल पहुंचकर जांच एवं उपचार कराना चाहिए।
समय पर इलाज से ऑपरेशन से बचा जा सकता है
डॉ. गुप्ता ने बताया कि यदि शुरुआती अवस्था में उपचार शुरू हो जाए तो अधिकांश मरीज केवल दवाइयों, ड्रेसिंग एवं उचित देखभाल से स्वस्थ हो सकते हैं। उपचार में देरी होने पर यही संक्रमण नेक्रोटाइजिंग फेशियाइटिस जैसे जानलेवा रोग का रूप ले सकता है, जिसमें आपातकालीन ऑपरेशन, बार-बार डिब्राइडमेंट, स्किन ग्राफ्टिंग तथा लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती रहने की आवश्यकता पड़ती है।
उन्होंने बताया कि इस माह अस्पताल में नेक्रोटाइजिंग फेशियाइटिस के 22–23 मरीजों का ऑपरेशन किया गया, जबकि लगभग 50 मरीजों का सफलतापूर्वक कंजर्वेटिव उपचार किया गया। उनका कहना है कि यदि मरीज समय रहते अस्पताल पहुंचें तो कई मामलों में ऑपरेशन की आवश्यकता ही नहीं पड़ती।
आधुनिक सुविधाओं से बढ़ी जटिल सर्जरी की क्षमता
डॉ. राजीव गुप्ता ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री के मार्गदर्शन एवं निरंतर सहयोग से 220 बिस्तरीय शासकीय अस्पताल, मनेंद्रगढ़ में आधुनिक ऑपरेशन थिएटर एवं चिकित्सा सुविधाओं का उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। इन बेहतर व्यवस्थाओं के कारण अब कई जटिल एवं उन्नत सर्जरियां सफलतापूर्वक की जा रही हैं, जिससे क्षेत्र के हजारों मरीजों को अपने जिले में ही गुणवत्तापूर्ण उपचार मिल रहा है और बड़े शहरों की ओर जाने की आवश्यकता कम हुई है।
“एक सर्जन के रूप में मैं माननीय स्वास्थ्य मंत्री जी के सहयोग और स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के लिए हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ।”
— डॉ. राजीव गुप्ता, जनरल सर्जन, 220 बिस्तरीय शासकीय अस्पताल, मनेंद्रगढ़
राजेश सिन्हा ,8319654988
